बूढ़ा पहाड़ में विकास पर सरकार का फोकस, गृह सचिव करेंगी योजनाओं की समीक्षा

Ranchi: झारखंड का बूढ़ा पहाड़ फिर सुर्खियों में है. इसबार सुर्खिया नक्सल को लेकर नहीं, बल्कि विकास को लेकर है. क्योंकि झारखंड सरकार का प्रशासनिक महकमा इस पहाड़ का अवलोकन करने वाला है. यह बूढ़ा पहाड़ झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्थित है.
 

Ranchi: झारखंड की गृह सचिव जल्द ही राज्य के संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्र बूढ़ा पहाड़ का दौरा करेंगी. इस दौरान वे क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगी. दौरे के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी प्रस्तावित है.

दौरे का मुख्य उद्देश्य

गृह सचिव का यह दौरा विशेष रूप से:

  • सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी विकास योजनाओं की प्रगति
  • सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन
  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा स्थिति
  • स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर अहम माना जा रहा है.

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

गृह विभाग की ओर से संबंधित जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी और जहां कमी पाई जाएगी, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जा सकते हैं.

स्थानीय विकास पर रहेगा फोकस

सरकारी सूत्रों के अनुसार, गृह सचिव स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद कर सकती हैं, ताकि यह जाना जा सके कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है या नहीं. साथ ही, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी विशेष जोर रहेगा.

क्यों अहम है बूढ़ा पहाड़?

बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा और विकास दोनों ही दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहा है. ऐसे में गृह सचिव का यह दौरा राज्य सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिक हथियार माना जा रहा है.