गणपति उत्सव में शामिल हुए राज्यपाल, रक्षा राज्य मंत्री के आवास पर दिखी भक्ति की झलक

Ranchi: गणेश चतुर्थी के अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री के आवास पर गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना और विशेष आयोजन किया गया. इस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया. कार्यक्रम में राज्यपाल भी शामिल हुए और गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया. गणेश उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला.
 

Ranchi: विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के अवसर पर सोमवार को रांची समेत पूरे देश में गणेश चतुर्थी की धूम रही। बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। शहर में जगह-जगह गणपति की प्रतिमा स्थापित कर पूजा और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी क्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास पर भी पारंपरिक तरीके से भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने की पूजा-अर्चना

गणेश चतुर्थी के अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार भी संजय सेठ के आवास पर आयोजित पूजा में शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

राज्यपाल ने कहा कि भारत की विशेष पहचान इसकी विविधता और त्योहारों को मिल-जुलकर मनाने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि देश में जब भी कोई पर्व मनाया जाता है, तो लोग सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि पूरे देश और समाज के कल्याण की कामना करते हैं।

उन्होंने गणेश उत्सव के महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर मनाए जाने का भी उल्लेख किया।

संजय सेठ, मेयर रोशनी खलखो समेत कई श्रद्धालु रहे मौजूद

पूजा कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के अलावा रांची की मेयर रोशनी खलखो समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गणेश चतुर्थी को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

जानकारी के अनुसार, 14 से 20 सितंबर तक श्री गणपति पूजन उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

गणेश जी को क्यों चढ़ाया जाता है मोदक?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि गणपति की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है।

गणेश चतुर्थी के दौरान भगवान श्री गणेश को मोदक का भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यता में मोदक को गणेश जी का प्रिय प्रसाद माना गया है। पूजा के बाद इसे श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।

दूर्वा चढ़ाने की भी है परंपरा

भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा दल चढ़ाने की भी विशेष परंपरा है। श्रद्धालु गणपति को दूर्वा, मोदक और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

हिंदू धार्मिक परंपराओं में भगवान श्री गणेश की पूजा को विशेष महत्व प्राप्त है। किसी भी शुभ कार्य या पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के पूजन से करने की परंपरा रही है। उन्हें ‘प्रथम पूज्य’ माना जाता है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर रांची में भी जगह-जगह पूजा पंडालों और मंदिरों में विशेष आयोजन हो रहे हैं।