ट्रेजरी घोटाले पर प्रशासन अलर्ट, सरकार ने 33 कोषागारों की जांच शुरू की, बीजेपी ने बोला हमला...
Ranchi: राज्य में सरकारी कोषागार से हर दिन आ रहे अवैध निकासी के मामले ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. बोकारो, हजारीबाग और रांची में मामला सामने आने के बाद हेमंत सरकार राज्य के सभी 33 कोषागारों की जांच करा रही है. इन कोषागारों से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा की गई निकासी की जांच की जा रही है.
इसे लेकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि इस अवैध निकासी में जो भी शामिल होंगे उन्हें पाताल से भी ढूंढ़कर कानून संगत सजा दिलायी जायेगी. उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है जिसे लेकर सरकार गंभीर है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस वजह से ट्रेजरी से निकासी को लेकर आ रही परेशानी तकनीकी पहलू है, जिसे वित्त विभाग के अधिकारी देख रहे हैं. जल्द ही सबकुछ सामान्य हो जाएगा.
इधर, हर दिन ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले प्रकाश में आने पर प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व विधायक अमित मंडल ने कहा कि यह सिर्फ दिखावा है क्योंकि यदि जांच करने की मंशा होती तो इस तरह का स्टेटमेंट सरकार की ओर से नहीं आता कि हम भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल की भी जांच करायेंगे.
अमित मंडल ने कहा कि यह एक बहुत बड़ा घोटाला है जिसकी जांच गंभीरता से होनी चाहिए. मगर सरकार इस जांच के प्रति उतनी गंभीर नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि जब से इस राज्य का गठन हुआ है उस समय से कोषागार से हुए निकासी की जांच कराई जाए.
सरकारी खजाने से राज्य में हो रही अवैध निकासी का मामला उस समय प्रकाश में आया, जब महालेखाकार की रिपोर्ट सरकार के समक्ष पहुंची और वित्त विभाग में खलबली मच गई. महालेखाकार झारखंड के द्वारा वित्त विभाग को 2 अप्रैल को भेजी गई चिट्ठी के बाद राज्य सरकार हरकत में आई और उसके बाद जो तथ्य सामने आए हैं उसमें एक के बाद एक ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले सामने आ रहे हैं.
महालेखाकार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय बोकारो से मई 2024 से दिसंबर 2025 के दरम्यान 3 करोड़ 15 लाख 33 हजार 993 रुपये की अवैध निकासी पाते हुए वित्त विभाग को सूचित किया था. तत्पश्चात राज्य सरकार के वित्त विभाग ने डाटाबेस की समीक्षा के दौरान हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 15 करोड़ 41 लाख 41 हजार 485 रुपये की अवैध निकासी पाया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी ट्रेजरी की जांच करने का आदेश दिया है और इस दिशा में प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है. सरकार का स्पष्ट मानना है कि इस वित्तीय गड़बड़ी मामले में जो कोई सरकारीकर्मी शामिल हैं उन्हें बख्सा नहीं जाएगा.