JPSC-CGL समेत 4 भर्ती परीक्षाओं पर आज HC में सुनवाई! हजारों अभ्यर्थियों की टिकी नजर

JPSC JSSC CGL High Court Hearing: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच आज का दिन हजारों अभ्यर्थियों के लिए अहम है. JPSC, JSSC CGL समेत चार भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. परीक्षाओं के आयोजन, रद्दीकरण और उससे जुड़े विवादों को लेकर अभ्यर्थियों की निगाहें कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हैं.
 

Ranchi: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच मंगलवार, 15 सितंबर का दिन हजारों अभ्यर्थियों के लिए अहम है। झारखंड हाईकोर्ट में JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, CDPO, फूड सेफ्टी ऑफिसर और JSSC CGL-2023 के विज्ञापन रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होगी। मामला जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सूचीबद्ध है।

इन भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में हाईकोर्ट की आज होने वाली सुनवाई पर उम्मीदवारों की खास नजर है।

सरकार ने अब तक दाखिल नहीं किया जवाब

इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 7 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। हालांकि, सोमवार तक सरकार की ओर से अदालत में जवाब दाखिल नहीं किया गया था।

वहीं, कुछ मामलों में JPSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने शपथ पत्र दाखिल किया है। अब सुनवाई के दौरान राज्य सरकार अपना पक्ष रखती है या नहीं और अदालत इस मामले में क्या निर्देश देती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा

JSSC CGL-2023, CDPO, JPSC 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया अनिश्चितता में फंस गई है।

लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थी अब हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीदवारों को उम्मीद है कि अदालत के निर्देश से इन भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

चार अलग-अलग याचिकाओं में रद्दीकरण को चुनौती

रमेश उरांव व अन्य ने JSSC CGL परीक्षा-2023 को रद्द करने की अधिसूचना को चुनौती दी है। वहीं सुभाष मुर्मू व अन्य ने CDPO नियुक्ति परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है।

इसके अलावा दीपमाला, आशीष अक्षत, आकांक्षा मिंज व अन्य ने JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का विज्ञापन रद्द किए जाने को चुनौती दी है।

वहीं सौरभ सिंह व अन्य ने फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया है।

आज की सुनवाई से क्या निकल सकता है?

हाईकोर्ट की सुनवाई में राज्य सरकार और अन्य पक्षों की दलीलों के बाद अदालत आगे की प्रक्रिया को लेकर निर्देश दे सकती है। हालांकि, अदालत क्या आदेश देगी, इसका अनुमान लगाना अभी संभव नहीं है।

फिलहाल JPSC और JSSC की इन भर्ती परीक्षाओं से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों की नजर झारखंड हाईकोर्ट पर टिकी हुई है। आज की सुनवाई के बाद इन भर्ती प्रक्रियाओं की आगे की दिशा को लेकर तस्वीर कुछ हद तक साफ होने की उम्मीद है।