शहरी निकाय चुनाव को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई, दलील के दौरान कांग्रेस ने कहा- हमारी सरकार शुरू से ही जल्द चुनाव कराने के पक्ष में रही है लेकिन विपक्ष लगातार अड़चन डालता रहा...

Jharkhand Desk: झारखंड के 48 शहरी नगर निकाय चुनाव को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई. सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई दलील पर प्रतिक्रिया देते कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि हमारी सरकार शुरू से ही जल्द चुनाव कराने के पक्ष में रही है लेकिन विपक्ष लगातार अड़चन डालता रहा.
 

Jharkhand Desk: प्रदेश में लंबे समय से लंबित शहरी निकाय चुनाव को लेकर सोमवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई. पूर्व वार्ड पार्षद रोशनी खलखो द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तुत की गई दलील पर झामुमो और कांग्रेस के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि झारखंड में चल रही महागठबंधन की सरकार, पिछड़े समुदाय को आरक्षण देने के साथ नगर निकाय चुनाव कराने के लिए कृत संकल्पित है.

ओबीसी के ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी

झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही महागठबंधन सरकार ने शहरी निकाय चुनाव से पहले ओबीसी आरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी तैयारियां कर ली हैं. ओबीसी के ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है. केंद्रीय समिति सदस्य मनोज पांडेय ने बताया कि अगर सब कुछ सामान्य रहा तो 30 मार्च 2026 तक राज्य के सभी नगर निकाय में चुनाव करा लिए जाएंगे.

झारखंड के 48 शहरी नगर निकाय चुनाव को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई. सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई दलील पर प्रतिक्रिया देते कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि हमारी सरकार शुरू से ही जल्द चुनाव कराने के पक्ष में रही है लेकिन विपक्ष लगातार अड़चन डालता रहा.

कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि हमने ट्रिपल टेस्ट कराकर और आरक्षण रोस्टर बनाकर राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दिया है. अब निर्वाचन आयोग जल्द से जल्द चुनाव कराएगा.

इन 48 शहरी नगर निकाय क्षेत्र में होना है निकाय चुनाव