झारखंड राजनीति में नया ट्विस्ट: हेमंत सोरेन की बड़ी बहन अंजनी सोरेन ने खोला राज्यसभा का पन्ना, अब सवाल- क्या हेमंत सोरेन का पूरा होगा समर्थन?
Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी बहन अंजनी सोरेन ने राज्यसभा सदस्य (Rajya Sabha MP) बनने की इच्छा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है. यह बयान आते ही राज्य की राजनीति में सियासी हलचल बढ़ गई है. अंजनी ने कहा कि उनके लिए यह अवसर किसी नई जिम्मेदारी से कम नहीं है और वह राज्य तथा पार्टी दोनों के हित में योगदान देना चाहती हैं.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अब यह देखना बाकी है कि हेमंत सोरेन इस इच्छा को कितनी गंभीरता से समर्थन देंगे. राज्यसभा सीट पर किसे उम्मीदवार बनाया जाए, यह निर्णय पार्टी नेतृत्व और गठबंधन के समीकरणों पर भी निर्भर करेगा.
विश्लेषकों के मुताबिक, अंजनी सोरेन की मंशा से पार्टी में कुछ अटकलें भी तेज हुई हैं, खासकर जब राज्य में सियासी संतुलन और केंद्रीय सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने फिलहाल इस पर आधिकारिक बयान देने से परहेज किया है और कहा है कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही आगे कोई घोषणा की जाएगी.
विधायकों की संख्या में कमजोर होने के बावजूद भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा करके यह संकेत दे दिए हैं कि राज्यसभा का चुनाव झारखंड में रोचक होने वाला है. राजनीतिक चालों के बीच अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि झारखंड में सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चाल क्या होगी? क्या झामुमो अपने परिवार से ही किसी एक सदस्य को राज्यसभा उम्मीदवार बनाएगा?
एक डिजिटल चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने (अंजनी सोरेन) ने राज्यसभा जाने पर खुलकर बात की और अपनी चाह भी व्यक्त की:
सवाल: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होने वाला है. आपने मुख्यमंत्री और झामुमो अध्यक्ष हेमंत सोरेन से अपनी उम्मीदवारी की इच्छा जताई है. क्या आप राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं?
अंजनी सोरेन: हां, मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि मैं राज्यसभा जाना चाहती हूं. मैंने अपनी यह इच्छा भाई हेमंत सोरेन से जता दी है. बाबा (शिबू सोरेन) के रहते भी मैंने अपनी यह इच्छा व्यक्त की थी. अब फैसला भाई को करना है. जो भी फैसला वे लेंगे, उसे मैं पार्टी की सच्ची सिपाही की तरह स्वीकार करूंगी.
सवाल: आप पिछले 10 साल से ओडिशा, खासकर मयूरभंज में झामुमो के लिए लगातार काम कर रही हैं. राज्यसभा जाने से संगठन को कितना फायदा होगा?
अंजनी सोरेन: अगर मैं राज्यसभा जाती हूं तो ओडिशा में झामुमो के संगठन को और मजबूती मिलेगी, खासकर मयूरभंज और आसपास के क्षेत्रों में. मैं वहां पार्टी का झंडा बुलंद रख रही हूं. राज्यसभा की सदस्यता मिलने से काम और प्रभावी ढंग से कर पाऊंगी.
सवाल: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की इकलौती बेटी होने के नाते आप खुद को परिवार की सदस्य मानती हैं. क्या सोरेन परिवार से किसी सदस्य को राज्यसभा भेजने की चर्चा चल रही है?
अंजनी सोरेन: मैं भी अपने भाइयों की तरह दिशोम गुरु की बेटी हूं और सोरेन परिवार की सदस्य हूं. बाबा के निधन के बाद लंबे समय से सोरेन परिवार का कोई सदस्य संसद में नहीं है. ऐसे में मैं सोरेन परिवार की तरफ से राज्यसभा जाकर मयूरभंज और झारखंड की आवाज बनना चाहती हूं.
सवाल: परिवार में सीता सोरेन, कल्पना सोरेन, लता सोरेन (बसंत सोरेन की पत्नी) जैसी अन्य महिलाएं भी सक्रिय हैं. आपमें सबसे ज्यादा मेहनत किसने की है, ऐसा आप मानती हैं?
अंजनी सोरेन: (हल्के मुस्कुराते हुए) मैंने खुलकर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन यह सच है कि इनमें सबसे ज्यादा समय और मेहनत मैंने ही पार्टी के लिए दिया है, खासकर ओडिशा में.
सवाल: आप मयूरभंज को केंद्रशासित प्रदेश बनाने की मांग कर रही हैं. इसका आधार क्या है?
अंजनी सोरेन: बाबा के बृहत झारखंड के सपने में मयूरभंज शामिल था. आजादी के समय यह क्षेत्र केंद्र के अधीन था, बाद में ओडिशा में शामिल कर दिया गया. हम मांग कर रहे हैं कि मयूरभंज और आसपास के इलाकों को मिलाकर केंद्रशासित प्रदेश बनाया जाए, जहां दिल्ली की तरह विधानसभा भी हो. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, जो खुद मयूरभंज से हैं, उनसे भी इस बारे में बात की है.
सवाल: आपके परिवार के बारे में भी बताइए.
अंजनी सोरेन: मेरे पति पक्ष मयूरभंज में रहते हैं. हमारी एक बेटी और एक बेटा है. बेटी प्रीति मरांडी न्यूरो सर्जन डॉक्टर हैं और बेटे ने इंजीनियरिंग पूरी की है. दोनों की शादी अभी नहीं हुई है.
सवाल: अंत में, अगर भाई हेमंत सोरेन आपको टिकट नहीं देते तो?
अंजनी सोरेन: भाई जो फैसला करेंगे, वह मेरा हक भी है और पार्टी का फैसला भी. मैं उसे पूरी तरह मानूंगी. लेकिन मैंने अपनी इच्छा जता दी है.
अटकलों और राजनीतिक कयासों के बीच मुख्यमंत्री हेमं सोरेन की बड़ी बहन और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की इकलौती बेटी और ओडिशा में झामुमो का झंडा बुलंद रखने वाली अंजनी सोरेन मरांडी ने ईटीवी भारत से हुई बातचीत में साफ कर दिया है कि वह राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं. इसकी इच्छा वह पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जता भी चुकी हैं. अंजनी सोरेन ने ईटीवी भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह 10 वर्षों से लगातार ओडिशा में और खासकर मयूरभंज में झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए काम कर रहीं हैं, अगर वह राज्यसभा जाती हैं तो ओडिशा में संगठन को और अधिक विस्तार देने में मदद मिलेगी.