झारखंड में डेंगू-चिकनगुनिया पर हाई अलर्ट, घर-घर सर्वे से लेकर स्रोत नष्ट करने तक सरकार के सख्त निर्देश

Jharkhand: शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर घरों, स्कूलों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, निर्माणाधीन भवनों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित जांच की जाए. जहां भी एडीज मच्छर का लार्वा मिले, वहां तुरंत एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव कर स्रोत को नष्ट किया जाए.
 

Jharkhand: झारखंड में डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. सभी जिलों के उपायुक्तों, सिविल सर्जनों और स्वास्थ्य अधिकारियों को विस्तृत एडवाइजरी भेजते हुए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने, घर-घर लार्वा सर्वे चलाने और रोकथाम संबंधी उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है.

स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर घरों, स्कूलों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, निर्माणाधीन भवनों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित जांच की जाए. जहां भी एडीज मच्छर का लार्वा मिले, वहां तुरंत एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव कर स्रोत को नष्ट किया जाए. इसके साथ ही स्थानीय निकायों को नियमित फॉगिंग और साफ-सफाई अभियान तेज करने को कहा गया है. अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि बारिश के कारण जल जमाव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर नष्ट किया जाए. \

सरकार की एडवाइजरी में कहा गया है कि डेंगू और चिकनगुनिया एडीज (Aedes) मादा मच्छर के काटने से फैलने वाले वायरल रोग हैं. यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और घरों के भीतर या आसपास रखे पानी से भरे बर्तन, कूलर, प्लास्टिक की बोतलें, खुली पानी की टंकियां, पुराने टायर और कबाड़ में जमा पानी इसके प्रमुख प्रजनन स्थल हैं. ऐसे सभी स्थानों की नियमित सफाई और जल जमाव खत्म करने पर विशेष जोर दिया गया है.

प्रजनन स्थलों की पहचान कर नष्ट करने का निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम, नगर परिषद, स्थानीय प्रशासन, एमपीडब्ल्यू (MPW), सामुदायिक स्वयंसेवकों और सहियाओं के सहयोग से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. अभियान के तहत मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें तत्काल नष्ट किया जाएगा. सभी जिलों से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर राज्य मुख्यालय को भेजने और डेंगू-चिकनगुनिया नियंत्रण गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है.

एडवाइजरी में 'वेक्टर सर्विलांस' को अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है. इसके तहत स्वास्थ्यकर्मी और संबंधित टीमें घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की तलाश करेंगी और उन्हें नष्ट करेंगी. इसके लिए प्लास्टिक डिपर, प्लास्टिक पाइपेट, लार्वा संग्रह शीशी समेत सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है. विभाग ने कहा है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और पानी के बर्तनों की नियमित सफाई करें, पानी की टंकियों को हमेशा ढककर रखें और बुखार आने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं. विभाग का कहना है कि प्रशासन और आम लोगों की संयुक्त भागीदारी से ही डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते खतरे पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है.