झारखंड में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर HIGH ALERT, पुलिस मुख्यालय ने भीड़ प्रबंधन से लेकर SOCIA MEDIA निगरानी तक दिए अहम निर्देश

Ranchi: झारखंड पुलिस ने आम लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों पर ध्यान न दें. पुलिस मुख्यालय का कहना है कि रथ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी जिलों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं.
 

Ranchi: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं.  आगामी 16 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले जगन्नाथ रथ यात्रा मेले को लेकर पुलिस मुख्यालय ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है. विशेषकर राजधानी रांची को लेकर डीसी और एसएसपी को विशेष निर्देश जारी किया है. रथ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है.

DC-SP रहे अलर्ट

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा और मेले को लेकर राज्यभर में पुलिस मुख्यालय द्वारा अलर्ट जारी किया गया है. इस संबंध में राज्य के सभी उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को विस्तृत निर्देश जारी करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है.

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि प्राप्त सूचनाओं और प्रशासनिक आकलन के अनुसार रथ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है. ऐसे समय असामाजिक तत्व सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं. ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस को पूरी सतर्कता के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं.

मुख्यालय ने सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्र के संवेदनशील और विवादित स्थलों की पहचान कर अतिरिक्त पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. धार्मिक जुलूस के मार्ग, भीड़भाड़ वाले बाजार, प्रमुख चौक-चौराहों और पूजा स्थलों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है. साथ ही सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर भी नजर रखने तथा भड़काऊ पोस्ट या संदेशों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.

16 जुलाई को निकागी जाएगी रथ यात्रा

पत्र के अनुसार 16 जुलाई 2026 को राज्यभर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी. इस दौरान श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के विग्रहों को मुख्य मंदिर से मौसीबाड़ी तक पारंपरिक तरीके से रस्सियों के सहारे रथ खींचकर ले जाएंगे. इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.

रथ यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में विराजमान रहेंगे. इसके पश्चात 25 जुलाई 2026 को बहुड़ा (घूरती) रथ यात्रा के माध्यम से भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और श्री बलभद्र के विग्रहों को पुनः मुख्य मंदिर लाया जाएगा. इस दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने का निर्देश दिए गए हैं.

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती, दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा स्थानीय प्रशासन को धार्मिक आयोजकों के साथ समंवय बनाकर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से रथ यात्रा संपन्न कराने को कहा गया है.

पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि पूरे नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा. किसी भी प्रकार की अफवाह, सांप्रदायिक तनाव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं आम लोगों से भी शांति, सौहार्द और प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए पर्व में सहयोग करने की अपील की गई है.

जारी किए गए ये निर्देश

  • रथ यात्रा/रथ मेला के दौरान विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों की सूची तैयार की जाए.
  • विगत 5 वर्षों (2021-2025) में रथ यात्रा/रथ मेला के दौरान, यदि कोई सांप्रदायिक घटना अथवा विधि-वावस्था की समस्या उत्पन्न हुई हो तो उसका विवरणी.
  • महत्वपूर्ण सोशल मीडिया ग्रुप जो किसी विशेष सांप्रदाय/धर्म/जाति की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियां करते हैं और नफरत फैलाते हैं. एडमिन का नाम तथा मोबाईल नंबर.
  • अपने-अपने क्षेत्र के शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर विवादित बिंदुओं का समाधान संगोष्ठी में ही कर लिया जाए. साथ ही क्षेत्र के शांति समिति के सदस्यों, गणमान्य लोगों और जनप्रतिनिधियों को त्योहार शांतिपूर्ण रूप से मनाने के लिए प्रशासन का साथ देने और लोगों से अपील किये जाने की आवश्यकता है.
  • ऐसे व्यक्ति जो पूर्व में दंगा एवं सांप्रदायिक कांडों में संलिप्त/आरोपित रहे हों या किसी व्यक्ति विशेष के बारे में यह जानकारी हो कि वह व्यक्ति सांप्रदायिक दंगा या अफवाह फैलाता हो तो ऐसे व्यक्तियों पर विधिमान्य कार्रवाई करने की आवश्यकता है.
  • रथ यात्रा जुलूस के पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि जुलूस/झांकी के रास्ते में कमजोर या कम ऊंचाई पर बिजली के तारों की मरम्मति या फिर उन पर fluorescent tape/रंगीन कपड़ा या reflector इत्यादि लगा दिया जाए. ताकि बिजली से संबंधित दुर्घटना नियंत्रित किया जा सके.
  • सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित/प्रसारित होने वाले विवादित तस्वीरों एवं संवादों पर निगरानी रखने और आपत्तिजनक पोस्ट पर निरोधात्मक कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है.
  • मेला एवं मीड़-भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों की गुमशुदगी एवं खोया-पाया सहायता केंद्र बनाए जाने की आवश्यकता है.
  • मेला/भीड़-भाड़ जैसे आयोजनों के दौरान प्राय कुछ गैंग सक्रिय होकर नारकोटिक्सर, हथियारों का खरीद-बिक्री जैसे विधि-विरुद्ध कार्य करते हैं. जिसपर निगरानी/कार्रवाई करने की आवश्यकता है.
  • अवैध शराब, लॉटरी एवं जुआ अड्डों के विरुद्ध आवश्यक विधि-पूर्वक कार्रवाई की आवश्यकता है.
  • मंदिर परिसर, मेला स्थल मार्ग इत्यादि पर विशेष सतत निगरानी की आवश्यकता है, जहां पॉकेटमारी, छेड़खानी, छिनतई इत्यादि होने की संभावना है. इन्हें रोकने का उपाए करें.
  • रथ यात्रा जुलूस के दौरान पुलिस बल के साथ पुलिस गाड़ियों की उचित एवं सुदृढ व्यवस्था हो, ताकि आपाकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके. उदाहरण स्वरूप बॉडी प्रोटेक्टर केन, टीजी शेल, फर्स्ट एड बॉक्स, पीए सिस्टम इत्यादि.
  • अति संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी/ड्रोन कैमरा द्वारा निगरानी रखा जाए.
  • अफवाहों एवं भगदड़ की स्थिति उत्पन्न होने पर इससे निपटने एवं निरोधात्मक कार्रवाई करने हेतु तैयारी रखने की आवश्यकता है.
  • आपातकालीन जैसे सेवाएं रखने की आवश्यकता है. अग्निशमक, चिकित्सा व्यवस्था इत्यादि का पुख्ता इंतजाम हो.
  • भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा मेला 2026 के दौरान संवेदनशील स्थानों एवं मार्गों पर विशेष प्रशासनिक सतर्कता आवश्यक है.