झारखंड में हिमांशु हत्याकांड पर बवाल, बीजेपी ने सरकार को घेरा और 3 जुलाई को बंद की घोषणा की

Saraikela/Ranchi: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दोषियों और कथित रूप से लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया और बंद का समर्थन किया.
 

Saraikela/Ranchi: हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाते हुए 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया है. पार्टी का कहना है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस की मौजूदगी में हुई हत्या ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दोषियों और कथित रूप से लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया और बंद का समर्थन किया.

बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास आदित्यपुर हरिओम नगर स्थित पीड़ित के आवास पहुंचे. वहीं प्रदेश भाजपा ने दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर हत्या का मामला चलाने की मांग की. साथ ही आगामी 2 जुलाई की शाम मशाल जुलूस और 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद करने की घोषणा की है.

पूर्व सीएम रघुवर दास ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और राज्य सरकार की ढीली कानून-व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा. रघुवर दास ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस जघन्य हत्याकांड के आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी नहीं होती है तो आगामी 3 जुलाई को पूरा जमशेदपुर और आदित्यपुर स्वतः स्फूर्त बंद रहेगा. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि कैबिनेट के औपचारिक निर्णय लेते हुए मृतक हिमांशु की पत्नी को तुरंत ग्रेड-3 या ग्रेड-4 की सरकारी नौकरी दी जाए. पूर्व सीएम ने एसएसपी को हटाए जाने पर सरकार की सराहना की.

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि इस राज्य में अपराधियों का बोलबाला है. क़ानून व्यवस्था पूरी तरह फेल है. उन्होंने आंकड़े बताते हुए कहा कि पिछले एक माह में 26 से ज्यादा चापड़ से हमला का मामला सामने आया है, जिसमें छह की मौत हो गई है. आये दिन चेन छिनतई की घटना घटती जा रही है. सरकार बालू माफिया, शराब माफिया, ड्रग्स सिंडिकेट, कोयला माफिया की सरकार है. लेन देन से ट्रांसफर पोस्टिंग करने के कारण कानून व्यवस्था चरमरा गई है.

एसएसपी को हटाये जाने पर रघुवर दास ने कहा कि अगर ये निर्णय पहले हुआ होता तो आज हिमांशु हमारे बीच होता. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है कि कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए ठोस निर्णय लें.

मामले को लेकर रांची पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मीडियाकर्मियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने जमशेदपुर सहित पूरे झारखंड की ध्वस्त कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर की घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि कानून के शासन पर सीधा हमला है. आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में 'रूल ऑफ लॉ' पर गंभीर संकट है.

आदित्य साहू ने कहा मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर 302 का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की जरूरत है. साथ ही सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की है. प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करने और अपराध नियंत्रण की स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करने की भी मांग की है. उन्होंने प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने, संगठित अपराध, गैंग, रंगदारी और अवैध हथियारों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू करने की मांग की है.

आदित्य साहू

आदित्य साहू ने कहा कि आखिरकार मुख्यमंत्री द्वारा जनदबाव में दो-दो एसपी का ट्रांसफर किया गया. वैसे भी इन अफसरों का कार्यकाल लगभग पूरा हो चुका था. इन अफसरों को सरकार द्वारा हटाने के 12 घंटे से अधिक समय बाद भी नए एसपी की पोस्टिंग नहीं होना सरकार की मंशा पर बड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पोस्टिंग का दर तय किया जा रहा है और मोलभाव तय नहीं होने के कारण सरकार को नए एसपी की पोस्टिंग करने में दिक्कत आ रही है.

आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में 6 साल में 10113 दुष्कर्म की घटनाएं, 11000 से ज्यादा किडनैपिंग, 60000 से अधिक चोरी की वारदात, लगभग 9300 हत्या और लगभग 2 लाख 80 हजार संज्ञेय अपराध सामने आए हैं. राजधानी रांची तो क्राइम सिटी बनी हुई है. रांची में पुलिस की नाक के नीचे आरएसएस मुख्यालय में पेट्रोल बम फेंक दिया जाता है. रिम्स की छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला हो, कोतवाली थाना क्षेत्र में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला हो, ये सभी घटनाएं सरकार के महिला सुरक्षा के तमाम दावों की पोल खोल रही है.