इंसानियत हुई तार-तार: मासूम बेटियों के शव के पोस्टमार्टम के लिए 5000 की मांग, मामला उजागर होते ही DC ने दिए जांच के आदेश...
Chatra: इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में संवेदनहीनता और भ्रष्टाचारके मुद्दे को उजागर कर दिया है. जिस सिस्टम से पीड़ित परिवार को राहत और न्याय मिलना चाहिए, वहीं से घूस की मांग होना समाज के लिए बेहद चिंताजनक है. घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. लोगों ने दोषियों को तत्काल निलंबित करने और कठोर सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी गरीब और दुखी परिवार ऐसी अमानवीय स्थिति का शिकार न हो.
Chatra: मानवता को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ दो मासूम बेटियों के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए 5000 रुपये की घूस लिए जाने का आरोप लगा है. यह आरोप सामने आते ही पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है. मामला उजागर होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है और DC ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं.
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक ही परिवार की दो नाबालिग बेटियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. परिजनों ने आरोप लगाया कि जब वे पोस्टमार्टम कराने अस्पताल पहुंचे, तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने प्रक्रिया शुरू करने से पहले 5000 रुपये की अवैध मांग की. पहले से गहरे सदमे में डूबे परिवार के लिए यह मांग किसी और आघात से कम नहीं थी. इस अमानवीय कृत्य की शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है.
मामले की शिकायत मिलते ही डीसी रवि आनंद ने तुरंत संज्ञान लिया और इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दे दिए. सिविल सर्जन सत्येंद्र सिंहा की प्रारंभिक जांच में अवैध वसूली की पुष्टि भी हो चुकी है. सिविल सर्जन ने स्पष्ट कहा कि पोस्टमार्टम के नाम पर वसूली किए जाने की पुष्टि हो चुकी है और दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस ने मामले में सख्त रूख अपनाते हुए जांच शुरू कर दी है. डीसी रवि आनंद ने कहा कि शव के पोस्टमार्टम के बदले पीड़ित परिवार से पैसे वसूलना अत्यंतर अमानवीय कृत्य है. इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. रिपोर्ट में दोष साबित होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही मामले में संलिप्त अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भी पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी.
डीसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पीड़ित परिवार से पोस्टमार्टम के नाम पर अवैध वसूली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी स्विपर की बर्खास्तगी के साथ-साथ इस कृत्य में संलिप्त अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन ऐसे अमानवीय कृत्यों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.