इंसानियत आज भी जिंदा है...इस सांसद ने गरीब परिवार के अस्पताल का बकाया तीन लाख का बिल कराया माफ, शव सौंपा परिवार वालों को 

स्थानीय समाजिक संगठनों और पड़ोसियों ने भी सांसद की इस कार्रवाई की सराहना की. उनका कहना है कि ऐसी पहल न केवल जनता के बीच उम्मीद जगाती है बल्कि सरकारी और सामाजिक संस्थाओं के बीच तालमेल बढ़ाने का भी काम करती है.
 
Jharkhand Desk: स्थानीय समाजिक संगठनों और पड़ोसियों ने भी सांसद की इस कार्रवाई की सराहना की. उनका कहना है कि ऐसी पहल न केवल जनता के बीच उम्मीद जगाती है बल्कि सरकारी और सामाजिक संस्थाओं के बीच तालमेल बढ़ाने का भी काम करती है.

Jharkhand Desk: सांसद विद्युत वरण महतो ने टिनप्लेट-10 नंबर बस्ती निवासी विजय कुमार रिकी का टाटा मोटर्स अस्पताल का बकाया तीन लाख रुपये का मेडिकल बिल माफ करवा कर परिवार को शव उपलब्ध कराया. सांसद विद्युत वरण महतो की सक्रिय पहल के कारण विजय कुमार रिकी के परिवार को बड़ी राहत मिली है. विजय कुमार रिकी का टाटा मोटर्स अस्पताल में इलाज के दौरान तीन लाख रुपये का बकाया मेडिकल बिल था, जिसे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति देखते हुए माफ करवा दिया गया. इस कदम से परिवार को ना केवल वित्तीय राहत मिली बल्कि उन्हें अपने प्रियजन का शव समय पर उपलब्ध कराने में भी मदद मिली.

सूत्रों के अनुसार, विजय कुमार रिकी की मौत इलाज के दौरान हुई थी और उनके परिवार को अस्पताल द्वारा शव जारी करने से पहले बकाया राशि जमा करने की शर्त रखी गई थी. रिकी के परिवार की आर्थिक स्थिति इस राशि को तत्काल चुकाने के लिए सक्षम नहीं थी. इस स्थिति को देखते हुए सांसद विद्युत वरण महतो ने हस्तक्षेप किया.

सांसद महतो ने अस्पताल प्रशासन से सीधे संपर्क कर मामला सुलझाया और परिवार के प्रति इंसानियत के आधार पर बिल माफी की मांग की. अस्पताल प्रशासन ने सांसद की अपील को गंभीरता से लिया और तीन लाख रुपये का बकाया बिल माफ कर दिया. इसके बाद परिवार को मृतक का शव सौंपा गया.

परिवार के सदस्यों ने सांसद महतो की इस पहल को मानवता और संवेदनशीलता का परिचायक बताया. उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में सांसद की मदद ने उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से राहत दी. परिवार ने सांसद महतो के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका यह कदम हमेशा याद रहेगा.

स्थानीय समाजिक संगठनों और पड़ोसियों ने भी सांसद की इस कार्रवाई की सराहना की. उनका कहना है कि ऐसी पहल न केवल जनता के बीच उम्मीद जगाती है बल्कि सरकारी और सामाजिक संस्थाओं के बीच तालमेल बढ़ाने का भी काम करती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में आर्थिक कठिनाइयों के कारण मरीजों और उनके परिवारों को कई बार अत्यधिक दबाव का सामना करना पड़ता है. ऐसे में सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप समय पर राहत प्रदान कर सकता है.

विद्युत वरण महतो ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक समर्थन देना नहीं है, बल्कि जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना और जरूरतमंदों की मदद करना है. उन्होंने आश्वस्त किया कि आगे भी ऐसे मामलों में वह संवेदनशीलता के साथ मदद करते रहेंगे.

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और इंसानियत जनता के जीवन में कितना बड़ा फर्क डाल सकती है. सांसद की इस पहल ने न केवल परिवार को राहत दी बल्कि पूरे क्षेत्र में सामाजिक और मानवीय मूल्यों की सराहना भी बढ़ाई.