‘मतदाता सूची शुद्ध हो रही है तो दिक्कत क्या?’ SIR पर बाबूलाल का बड़ा बयान...बाबूलाल ने राहुल गांधी को अच्छे अस्पताल में इलाज की दी नसीहत
Ranchi: झारखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने SIR पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया किसी पार्टी या राज्य विशेष के लिए नहीं, बल्कि देशहित में की जा रही है।
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
'SIR में मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम होंगे दुरुस्त'
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि SIR के जरिए मतदाता सूची को दुरुस्त किया जा रहा है। इसमें मृत लोगों, दूसरे स्थान पर चले गए मतदाताओं और एक से अधिक जगह नाम दर्ज होने जैसी प्रविष्टियों को ठीक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में भाजपा समर्थकों के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। उनके मुताबिक, अगर मतदाता सूची का शुद्धिकरण हो रहा है तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
झारखंड SIR के लिए ECI की जानकारी के अनुसार राज्य की पिछली गहन पुनरीक्षण सूची की प्रासंगिक तिथि 1 जनवरी 2003 है।
ज्ञानेश कुमार पर सवाल को लेकर कांग्रेस-JMM पर निशाना
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर उठ रहे सवालों पर भी बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और झामुमो को मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सवाल उठाने के बजाय अपने राजनीतिक नेतृत्व पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया।
मरांडी ने चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी नतीजों को लेकर विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने राजनीतिक प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।
राहुल गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी
बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश या दुनिया में जहां भी अच्छा इलाज उपलब्ध हो, वहां राहुल गांधी का इलाज कराया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ऐसा नहीं होने पर 2029 के चुनाव में कांग्रेस के साथ उसका गठबंधन भी प्रभावित होगा।
मरांडी की इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
'हेमंत सरकार आदिवासी विरोधी'
पूर्व मुख्यमंत्री ने हेमंत सोरेन सरकार पर भी निशाना साधते हुए उसे आदिवासी हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने आदिवासी छात्रावासों की स्थिति और जनजातीय समुदाय के छात्रों को कथित तौर पर समय पर स्टाइपेंड नहीं मिलने का मुद्दा उठाया।
ये आरोप भाजपा नेता द्वारा लगाए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से इन दावों पर अलग से प्रतिक्रिया आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
कांग्रेस ने पलटवार किया
बाबूलाल मरांडी के बयान पर कांग्रेस के झारखंड प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR और चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा नेता मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
सिन्हा ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया और कहा कि जनता इस पूरे मामले को समझ रही है। उन्होंने राहुल गांधी की देशव्यापी यात्राओं का उल्लेख करते हुए बाबूलाल मरांडी की टिप्पणी पर आपत्ति जताई।
राकेश सिन्हा ने मरांडी के बयान पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की और उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया। यह कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया है, जिसका बाबूलाल मरांडी या भाजपा की ओर से जवाब आना बाकी है।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक बहस
झारखंड में SIR को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आ रहे हैं। एक तरफ भाजपा नेता इसे मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दल प्रक्रिया की पारदर्शिता और इसके संभावित प्रभावों पर सवाल उठा रहे हैं।
आधिकारिक तौर पर ECI SIR को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित करता है। आयोग के मुताबिक, इसका लक्ष्य पात्र मतदाताओं को शामिल करना और अपात्र मतदाताओं को सूची में शामिल होने से रोकना है।