अगर Public Place पर शराब पीते पकड़ाए तो खैर नहीं, गिरिडीह पुलिस ने दे डाली चेतावनी...
Giridih: नया साल प्रवेश कर चुका है और सभी अपने-अपने तरीके से खुशियां बांटने में जुटे हैं. कइयों ने पिकनिक की तैयारी की है. पिकनिक स्थलों पर पहुंचने लगे हैं. वहीं, शराब के कई शौकीनों ने भी भरपूर तैयारी कर रखी है. कई ने पिकनिक स्थलों पर जाकर शराब की चुस्कियों लेने के लिए बोतल की खरीदारी कर ली है. लेकिन इस बार पुलिस ने सार्वजनिक स्थल, पिकनिक स्पॉट पर शराब का सेवन करने वालों से सख्ती बरतने का निर्णय लिया है. इसे लेकर जिले के एसपी डॉ बिमल कुमार ने सख्त आदेश भी अपने अधीनस्थ अधिकारियों को दिया है.
पिकनिक स्पॉट पर जगह-जगह जांच
एसपी के आदेश के बाद महत्वपूर्ण पिकनिक स्थानों पर बैनर टांगा गया है, जिसमें साफ तौर पर शराब लेकर नहीं आने और इसका सेवन नहीं करने का निर्देश दिया गया है. स्थानीय पुलिस पदाधिकारी के द्वारा जांच की जा रही है. वहीं, ब्रेथ एनालाइजर का भी उपयोग किया जा रहा है.
ढाबों की भी जांच
पुलिस ने ढाबों पर भी विशेष नजर रखी है. 31 दिसंबर - एक जनवरी की रात 12 बजे के बाद एसपी खुद ही नेशनल हाइवे के कई ढाबों पर पहुंचे और दुकानदारों को निर्देश देते हुए जांच की. जांच के बाद ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में एसपी डॉ बिमल कुमार ने बताया कि पिकनिक स्पॉट खासकर खंडोली और वाटरफॉल में पर्याप्त संख्या में बलों को प्रतिनियुक्त किया गया, जिसमें महिला पुलिस बल भी शामिल हैं.
इसके साथ-साथ इन दोनों स्थानों पर समिति के सदस्य की भी तैनाती की गई है. झरना के पास चेतावनी का बोर्ड लगाया गया है. जगह-जगह पुलिस पदाधिकारी के नंबर को डिस्प्ले किया गया है. पिकनिक स्पॉट पर शराब लेकर लोग नहीं जा सके तो इसके लिए चेकिंग पॉइंट बनाया गया है. जहां पदाधिकारी के साथ जवान की तैनाती की गई है.
सुरक्षित रहेंगे लोग
एसपी ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब नहीं पीने से रेस ड्राइविंग कम होगी, दुर्घटना की संभावना भी घटेगी. उन्होंने कहा कि सभी एसडीपीओ, इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी को सख्त निर्देश दिया गया है. साथ ही कहा गया कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले लोगों, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले लोगों पर कार्रवाई करें ताकि आमलोगों का जीवन सुरक्षित रहे.
डीजे की भी एंट्री नहीं
इधर, पिकनिक स्पॉट पर डीजे की एंट्री पर भी रोक लगा दी गई है. जगह-जगह चेतावनी का बोर्ड भी लगाया गया है. पदाधिकारी साफ कहते हैं कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर यह कदम उठाया गया है.