प्रोजेक्ट मिलाप का असर: सरायकेला-खरसावां पुलिस ने 55 गुमशुदा लोगों को मिलाया, 133 मोबाइल की रिकवरी

Saraikela: एक ओर जहां “प्रोजेक्ट डिवाइस” के माध्यम से मई माह में 133 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए, वहीं “प्रोजेक्ट मिलाप” के तहत 55 गुमशुदा लोगों को खोजकर उनके परिजनों से मिलाया गया. पुलिस की इस कार्रवाई से दर्जनों परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है.
 

Saraikela: जिले में गुमशुदा मामलों के समाधान की दिशा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सरायकेला-खरसावां पुलिस ने प्रोजेक्ट मिलाप के तहत कार्रवाई करते हुए 55 गुमशुदा व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलवाया, वहीं विभिन्न मामलों से जुड़े 133 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह उपलब्धि तकनीकी विश्लेषण, जमीनी सत्यापन और समन्वित पुलिसिंग का नतीजा मानी जा रही है.

एक ओर जहां “प्रोजेक्ट डिवाइस” के माध्यम से मई माह में 133 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए, वहीं “प्रोजेक्ट मिलाप” के तहत 55 गुमशुदा लोगों को खोजकर उनके परिजनों से मिलाया गया. पुलिस की इस कार्रवाई से दर्जनों परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है.

प्रोजेक्ट डिवाइस के तहत 133 मोबाइल फोन बरामद

जिले में मोबाइल फोन गुम होने की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए सरायकेला-खरसावां पुलिस लगातार “प्रोजेक्ट डिवाइस” अभियान चला रही है. इस अभियान के तहत सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की सहायता से गुम मोबाइल फोन को ट्रैक कर बरामद किया जा रहा है. पुलिस के अनुसार मई माह में जिलेभर में विशेष अभियान चलाया गया, जिसके दौरान कुल 133 गुम मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली. बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन का सत्यापन करने के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया. लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस की कार्यशैली की सराहना की.

क्या है प्रोजेक्ट मिलाप

प्रोजेक्ट मिलाप एक विशेष अभियान है, जिसके तहत लंबे समय से दर्ज गुमशुदगी के मामलों की दोबारा समीक्षा की जाती है. इसमें सीडीआर (Call Detail Records), लोकेशन ट्रैकिंग, सोशल मीडिया इंटेलिजेंस और स्थानीय सूचना तंत्र का उपयोग कर सुराग जुटाए जाते हैं। अभियान का उद्देश्य न केवल गुमशुदा लोगों को ढूंढना, बल्कि परिजनों को मानसिक राहत दिलाना भी है.

जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल फोन गुम हो जाता है तो वे तत्काल इसकी सूचना नजदीकी थाना में दें या फिर सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं. समय पर सूचना मिलने से मोबाइल को ट्रैक करने और बरामद करने की संभावना काफी बढ़ जाती है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट डिवाइस के तहत आगे भी नियमित रूप से अभियान चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को उनका खोया हुआ मोबाइल वापस दिलाया जा सके.

प्रोजेक्ट मिलाप ने लौटाई परिवारों की खुशियां

मोबाइल बरामदगी के साथ-साथ जिला पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे “प्रोजेक्ट मिलाप” अभियान में भी बड़ी सफलता प्राप्त की है. इस अभियान का उद्देश्य लापता लोगों को खोजकर सुरक्षित रूप से उनके परिवारों तक पहुंचाना है. पुलिस के अनुसार 18 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 के बीच जिले के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान कुल 55 गुम एवं लापता पुरुष, महिलाएं तथा बालक-बालिकाओं को खोज निकाला गया. इनमें कई ऐसे मामले भी शामिल थे जिनमें परिजन लंबे समय से अपने प्रियजनों की तलाश कर रहे थे.

बरामद किए गए सभी व्यक्तियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया. अपने बिछड़े परिजनों से मिलने के बाद कई परिवार भावुक हो उठे. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य केवल लोगों को ढूंढना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सम्मानपूर्वक उनके परिवार तक पहुंचाना भी है. प्रोजेक्ट मिलाप के तहत लगातार निगरानी, सूचना संकलन और विभिन्न जिलों तथा राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर गुमशुदा लोगों की तलाश की जाती है, जिससे बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं.

पुलिस ने सहयोग की अपील की

जिला पुलिस प्रशासन ने कहा कि गुमशुदगी के मामलों में समय पर सूचना और आम लोगों के सहयोग से ही त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है. इसलिए किसी व्यक्ति के लापता होने की स्थिति में परिजनों को बिना देरी किए पुलिस को जानकारी देनी चाहिए.

एसपी निधि शुक्ला ने अभियान जारी रखने की कही बात

इस संबंध में सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक निधि शुक्ला ने कहा कि प्रोजेक्ट डिवाइस और प्रोजेक्ट मिलाप दोनों अभियान लगातार जारी रहेंगे. उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान और उनकी सुरक्षा जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है. भविष्य में भी ऐसे अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि गुमशुदा लोगों को उनके परिवारों से मिलाया जा सके और खोए हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाए जा सकें.