Jharkhand में Swine Flu का बढ़ता खतरा! स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर, हर जिले में होगी जांच

Jharkhand Swine Flu News: झारखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. सभी जिलों में जल्द जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया है. जहां RT-PCR मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल मशीन की मांग भेजने को कहा गया है. RIMS में 5000 जांच किट खरीदने की तैयारी है, जबकि सदर अस्पताल ने 500 किट की मांग की है. मरीजों के लिए RIMS में छह और सदर अस्पताल में 10 बेड रिजर्व किए गए हैं.
 

Jharkhand Swine Flu News: झारखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच व्यवस्था तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राज्य में स्वाइन फ्लू की स्थिति, जांच सुविधाओं और अस्पतालों की तैयारियों की जानकारी ली।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल रांची सदर अस्पताल, RIMS और MGM जमशेदपुर में स्वाइन फ्लू की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अब सभी जिलों में जल्द जांच सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया है, ताकि संदिग्ध मरीजों की पहचान समय पर हो सके और संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जा सके।

सभी जिलों में जल्द शुरू होगी Swine Flu की जांच

अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों से राज्य में उपलब्ध RT-PCR मशीनों, खराब मशीनों की मरम्मत और जांच किट के स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन जिलों में जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल RT-PCR मशीन के लिए मांग पत्र भेजा जाए।

जरूरत पड़ने पर टेक्नीशियन और पैथोलॉजिस्ट को RIMS या सदर अस्पताल में प्रशिक्षण दिलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्वाइन फ्लू की जांच क्षमता बढ़ाने के लिए TrueNat मशीनों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

RIMS में 5000 जांच किट खरीदने की तैयारी

स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए RIMS का माइक्रोबायोलॉजी विभाग भी अलर्ट मोड में है। विभाग के पास फिलहाल करीब 150 जांच किट उपलब्ध हैं। संभावित जरूरत को देखते हुए RIMS प्रबंधन से 5000 जांच किट खरीदने की मांग की गई है।

माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार शर्मा के अनुसार, रोजाना करीब 2 से 5 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में किट का स्टॉक रखना जरूरी है, ताकि संक्रमण तेजी से बढ़ने की स्थिति में जांच प्रभावित न हो।

बुधवार को RIMS में दो सैंपल की जांच की गई और दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई।

सदर अस्पताल में शुक्रवार से फिर शुरू होगी जांच

रांची सदर अस्पताल में RT-PCR मशीन से स्वाइन फ्लू की जांच शुक्रवार से दोबारा शुरू होने की तैयारी है। यह मशीन कोरोना काल के दौरान उपलब्ध कराई गई थी। अब इसका इस्तेमाल H1N1/स्वाइन फ्लू की जांच के लिए किया जाएगा।

सदर अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग से 500 जांच किट की मांग की है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक गुरुवार तक किट उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है। किट मिलते ही जांच व्यवस्था को दोबारा सक्रिय किया जाएगा।

RIMS में छह बेड रिजर्व, जरूरत पड़ने पर पेइंग वार्ड का इस्तेमाल

स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए RIMS के आइसोलेशन वार्ड में छह बेड रिजर्व किए गए हैं। RIMS अधीक्षक डॉ. हिरेंद्र बिरुआ ने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ने पर पेइंग वार्ड के चौथे तल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

अस्पताल प्रबंधन ने संभावित स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखने की बात कही है।

सदर अस्पताल में 10 बेड आरक्षित

रांची सदर अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। उपाधीक्षक डॉ. विमलेश सिंह के मुताबिक बेड के साथ जरूरी दवाओं का स्टॉक भी सुरक्षित रखा गया है।

यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए अलग टीम गठित करने की तैयारी भी की जा रही है।

HMIS को सभी जिलों में पूरी तरह चालू करने का निर्देश

स्वास्थ्य विभाग की बैठक में HMIS (Health Management Information System) की भी समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों में HMIS को पूरी तरह चालू करने और जरूरत के अनुसार कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया।

बैठक में अस्पतालों में CCTV कैमरे लगाने की व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। संबंधित एजेंसी को जिलों का दौरा कर महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान और कैमरे लगाने की योजना तैयार करने को कहा गया।

डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए 1000 PG डॉक्टर लाने की तैयारी

बैठक में राज्य के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा भी उठा। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए दक्षिण भारत से करीब 1000 PG डॉक्टरों को लाने का प्रयास किया जा रहा है।

सिविल सर्जनों से मिले सुझावों के आधार पर अस्पतालों में जरूरत के अनुसार पदों की संख्या निर्धारित की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक CHC को अपग्रेड करने के लिए भेजे गए प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।

इसके साथ ही राज्य के 125 स्थानों पर HPLC मशीन उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

सहियाओं को मिलेगा ब्लड कलेक्शन और ड्रेसिंग का प्रशिक्षण

ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहियाओं को भी अतिरिक्त प्रशिक्षण देने की योजना है। प्रत्येक सब सेंटर से बेहतर शैक्षणिक योग्यता वाली दो सहियाओं का चयन किया जाएगा।

चयनित सहियाओं को करीब छह महीने का प्रशिक्षण देकर ब्लड कलेक्शन और ड्रेसिंग जैसे कार्यों के लिए तैयार किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का फोकस जांच और अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने पर

स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के बाद राज्य में जांच सुविधाओं का विस्तार करने और अस्पतालों में बेड व दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

सभी जिलों में जांच सुविधा शुरू होने से संदिग्ध मामलों की पहचान तेजी से होने की उम्मीद है। वहीं RIMS और सदर अस्पताल में जांच किट का पर्याप्त स्टॉक रखने तथा अतिरिक्त बेड की व्यवस्था से संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।