Iran-Israel US War Impact on India Jharkhand: ईरान-इज़राइल युद्ध का झारखंड में भी असर, इस खबर में देखें अबतक की ताज़ा रिपोर्ट

Iran-Israel US War Impact on India Jharkhand: रांची में प्रदर्शन- रांची में वामपंथी दलों, सामाजिक संगठनों और शिया समुदाय ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या और युद्ध की निंदा में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से युद्ध रोकने और भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.
 

Iran-Israel US War Impact on India Jharkhand: अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला किया. इसका नतीजा ये रहा कि बिहार झारखंड समेत देश के हजारों लोग पश्चिम एशिया में फंस गए. ईरान और इजराइल के बीच शुरू हुए हवाई हमलों और मिसाइल युद्ध ने बिहार झारखंड के हजारों परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी.

सऊदी अरब, कुवैत, कतर और यूएई जैसे देशों में जॉब के लिए गए झारखंड के निवासी युद्ध की वजह से सहम गए. हालांकि, फिलहाल इनमें ज्यादातर लोग लोग सुरक्षित इलाकों में हैं, लेकिन हवाई अड्डों के बंद होने और उड़ानों के कैंसिल होने से उनकी घर वापसी पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं.

ईरान और इजरायल के बीच छिड़े जंग का व्यापक असर झारखंड में भी देखा जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हजारीबाग, गिरिडीह बोकारो और रांची जिलों के सैकड़ों युवक रोजगार के सिलसिले में ईरान, इजरायल और पड़ोसी खाड़ी देशों में कार्यरत है. युद्ध के कारण उड़ानों के रद्द होने से वे वहां फंसे हैं.

इसी बीच, राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर भाकपा माले ओर अन्य वामपंथी संगठनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर युद्ध रोकने के लिए दबाव बनाए और खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करें.

ईरान-इज़राइल युद्ध का असर झारखंड सहित पूरे भारत पर भी दिख रहा है, खासकर लोगों के जीवन और विदेश में फंसे भारतीयों को लेकर.

 

झारखंड में हालात

रांची में प्रदर्शन- रांची में वामपंथी दलों, सामाजिक संगठनों और शिया समुदाय ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या और युद्ध की निंदा में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से युद्ध रोकने और भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.

 

खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों का संकट

ईरान-इज़राइल संघर्ष की वजह से पश्चिम एशिया और खाड़ी के कई देशों में एयरस्पेस बंद या उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे कई भारतीय फंसे हैं.

कई भारतीय, जिनमें छात्र, मजदूर और पर्यटक शामिल हैं, दुबई, अबू धाबी और अन्य शहरों में अटके हुए हैं क्योंकि उड़ानों का संचालन बाधित है.

खासकर महाराष्ट्र और राजस्थान से कई लोग दुबई में फंसे बताए जा रहे हैं.

इसी तरह बिहार के कई प्रवासी कर्मचारियों के परिवार चिंतित हैं क्योंकि खाड़ी देशों में काम कर रहे उनके परिजन वापस नहीं आ पा रहे हैं. उनके परिजन लगातार फोन पर संपर्क कर रहे हैं और स्थिति को लेकर बेचैनी है.

भारत सरकार और स्थिति

भारतीय विदेश मंत्रालय, दूतावास और राज्य सरकारें फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सक्रिय रूप से सम्पर्क में हैं, सलाह जारी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर बचाव योजना पर काम कर रहे हैं.

संक्षेप में:

• झारखंड की राजधानी रांची में वामदलों और समाज संगठनों ने युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन किया.

• खाड़ी देशों में कई भारतीय, जिनमें झारखंड और अन्य राज्यों के लोग हैं, युद्ध के कारण फंसे हैं और उनकी लौटने की प्रक्रिया जटिल हुई है.

• भारत सरकार और स्थानीय नेता इन लोगों की सुरक्षित वापसी पर ध्यान दे रहे हैं.

सड़क से एयरपोर्ट का असर

भारतीय एयरपोर्ट्स पर उड़ानें बुरी तरह प्रभावित:

भारत में दिल्ली, मुंबई सहित कई मुख्य एयरपोर्ट्स पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द किया गया है क्योंकि मध्य पूर्व के एयरस्पेस के बंद होने से मार्ग बाधित है.

यूरोप, अमेरिका और खाड़ी के रास्तों वाली उड़ानों में जमकर रद्दीकरण और देरी हो रही है.

उड़ानों की संख्या:

भारत में एक ही दिन में 350 से अधिक भारतीय उड़ानें रद्द की गईं.

इससे यात्रियों के लिए लंबे इंतज़ार, ट्रांज़िट में अटकना और एयरपोर्ट पर भीड़ जैसी समस्याएँ सामने आई हैं.

ग्लोबल लेवल पर भी अव्यवस्था:

दुनिया भर में मध्य पूर्व के एयरस्पेस बंद होने के कारण हज़ारों उड़ानें रद्द या डायवर्ट (मोड़ दी गईं), और यात्रियों को घरेलू व अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का सामना करना पड़ा.

रांची जैसे शहरों से विश्व के बड़े एयरपोर्ट्स तक सफ़र प्रभावित हो रहा है — यह सिर्फ भारत का ही नहीं, वैश्विक समस्या बन चुकी है.

फंसे लोगों की संख्या – ताज़ा आँकड़े

भारतीय नागरिक कई खाड़ी देशों में अटके हैं:

दुबई में पुणे के 84 छात्र और ठाणे के 23 लोग फंसे हुए हैं.

इससे पहले रिपोर्टों में भी सैकड़ों यात्रियों के दुबई, अबू धाबी और अन्य खाड़ी शहरों में फंसे होने का ज़िक्र आया है.

100+ लोग अकेले दुबई में ही भारत से अटके हैं.

अलग-अलग समूहों में अन्य राज्यों के लोग भी वहीं फंसे हुए हैं (जैसे श्रद्धालु, छात्र, कामगार आदि).

कई एयरपोर्टों पर यात्रियों को वापसी या ट्रांज़िट नहीं मिल रहा है क्योंकि हवाई मार्गों में खाड़ी एयरस्पेस बंद है.

1) झारखंड/बिहार के स्थानीय लोगों की सूची का हालात

सरकारी स्तर पर सार्वजनिक सूची अभी तक जारी नहीं हुई है।

• केंद्र सरकार या राज्य सरकारों ने सार्वजनिक रोज़मर्रा की सूची (जैसे झारखंड/बिहार से कौन कहाँ फंसा है) अभी तक आधिकारिक तौर पर साझा नहीं की है।

• ऐसे मामले सामान्यतः भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और संबंधित राज्य प्रशासनों के पास मौजूद होते हैं, लेकिन सार्वजनिक स्तर पर पूरा विवरण साझा नहीं किया जाता।

• यदि आपके कोई खास परिचित ईरान/खाड़ी देशों में हैं, तो उनके पासपोर्ट डिटेल्स और स्थानीय पता लेकर MEA या संबंधित राज्य की कंसुलर सहायता को सीधे संपर्क करना सबसे सुरक्षित तरीका है।

 2) फंसे भारतीयों और उनके परिवारों के लिए सरकारी हेल्पलाइन नंबर

भारत सरकार (Ministry of External Affairs) – 24×7 Crisis Helplines in Middle East

(महत्वपूर्ण और सक्रिय हेल्पलाइन नंबर – आम भारतीय नागरिक इन्हें सीधे कॉल/व्हाट्सएप कर सकते हैं)

 Israel (Tel Aviv):

 +972-54-7520711

 +972-54-2428378

 cons1.telaviv@mea.gov.in

 Iran (Tehran):

 +98-9128109115

 +98-9128109109

 +98-9128109102

 +98-9932179359

 UAE (Abu Dhabi):

 Toll-free: 800-46342

 WhatsApp: +971543090571

pbsk.dubai@mea.gov.in, ca.abudhabi@mea.gov.in

Saudi Arabia (Riyadh/Jeddah):

 +966-11-4884697

 WhatsApp: +966-542126748

 800-2471234 (Toll-free)

 Qatar (Doha):

+974-55647502

 Bahrain:

 +973-39418071

 Kuwait:

 +965-65501946

Jordan (Amman):

 +962-770-422276

Iraq (Baghdad):

 +964-771-6511185 (English/Hindi)

 +964-770-4444899 (Arabic)

Palestine (Ramallah):

+970-592916418

इन नंबरों पर आप अपने रिश्तेदार/परिचित का नाम, जानकारी और स्थिति पूछ सकते हैं या सहायता का अनुरोध कर सकते हैं.

3. सरकारी राहत उपाय — कदम-ब-कदम

1. सतर्कता और सलाह (MEA Advi­sory)

भारतीय विदेश मंत्रालय ने ताज़ा एडवाइजरी जारी की है जिसमें

• सभी भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर रहने,

• भीड़ वाले इलाकों से दूरी लेने,

• स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने

की सलाह दी है.

2. 24×7 कंसुलर सहायता और हेल्पलाइन

MEA और विदेश मिशन (Embassies/Consulates) ने 24×7 कंट्रोल रूम शुरू किए हैं ताकि स्थिति की निगरानी, सहायता, रिकॉर्ड अपडेट और एम्बुलेंस/सहायता तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके.

3. राज्य स्तर पर एमरजेंसी कंट्रोल रूम

कुछ राज्यों ने अपने नियंत्रण केंद्र/हेल्पलाइन सक्रिय की हैं — जैसे:

कर्नाटक ने 24×7 कंट्रोल रूम और आपात सहायता नंबर जारी किए हैं जिनमें एयरलाइन तथा स्थानीय मिशन हेल्पलाइन भी शामिल हैं.

4. संभावित रेस्क्यू / Evacuation ऑपरेशन

• भारतीय सरकार यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो विशेष निकासी (evacuation) उड़ानों/ऑपरेशन की संभावना पर विचार कर रही है — यही रणनीति 2025 में भी ‘Operation Sindhu’ के तहत सफल रही थी.

Operation Sindhu ने 2025 में पहले भी 4,400+ भारतीयों को सुरक्षित निकाला (तेहरान, इज़राइल और आसपास के देशों से).

फंसे लोगों की अनुमानित संख्या (आधार पर ताज़ा आंकड़े)

• वर्तमान में आसपास 1,200 से अधिक भारतीय छात्रों अकेले ईरान में फंसे हुए होने की रिपोर्ट है (जम्मू-कश्मीर से कई छात्र).

• लाखों भारतीय कामगार खाड़ी देशों में रहते हैं, जिन पर हाल के तनाव का असर पड़ा है — जिससे सरकार को व्यापक संकट प्रबंधन की चुनौती है.

क्या करें यदि आपका कोई परिचित फंसा है?

उपरोक्त हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करें और विवरण (नाम, पासपोर्ट, सेल नंबर, अंतिम लोकेशन) दें

पासपोर्ट, वीज़ा और स्थानीय ठिकाने की जानकारी तैयार रखें

नज़दीकी भारतीय दूतावास/कंसुलेट को सीधे ई-मेल/हेल्प-लाइन से सूचित करें.

स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें (फायर अलर्ट, कर्फ़्यू आदि की स्थिति में).