जामताड़ा में आयुष्मान कार्ड इलाज में गड़बड़ी, डीसी ने निजी अस्पतालों पर कार्रवाई के दिए आदेश..
Jamtara: शहर में इलाज के नाम पर चल रहे अस्पतालों में काफी अनियमितता और गड़बड़ी बरती जा रही है. जिसका खुलासा उपायुक्त रवि आनंद ने अपने टीम के साथ कई अस्पतालों का औचक निरीक्षण करने के बाद किया. जांच में गड़बड़ी उजागर होने पर डीसी ने संबंधित अस्पतालों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है.
निजी अस्पतालों पर कार्रवाई के आदेश
इन दिनों जामताड़ा शहर में इलाज के नाम पर सैकड़ों निजी अस्पताल चलाए जा रहे हैं. जिसमें कई अस्पतालों में नियमों का सही से पालन और मरीजों का इलाज सही ढंग से नहीं किया जाता है. ना ही उचित सुविधा ही दी जाती है. खासकर आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज के नाम पर घोर अनियमितता बरती जा रही है. ऐसा ही खुलासा जामताड़ा के कई अस्पताल में डीसी के जांच के क्रम में हुआ है.
क्या हो सकती है कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार—
- अस्पतालों की मान्यता रद्द की जा सकती है
- आयुष्मान योजना से डी-एम्पैनलमेंट
- जुर्माना और एफआईआर तक की कार्रवाई संभव
आम लोगों से अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि-
- इलाज के दौरान किसी तरह की अवैध वसूली हो तो शिकायत करें
- अस्पताल द्वारा मांगी गई राशि की रसीद जरूर लें
- जिला स्वास्थ्य कार्यालय या हेल्पलाइन पर जानकारी दें
डीसी ने टीम के साथ सिटी अस्पताल और निजी नेत्रालय में की जांच
डीसी रवि आनंद ने अपनी टीम में शामिल एसडीओ और सिविल सर्जन के साथ सबसे पहले जामताड़ा में ही जाम रोड स्थित चल रहे एक निजी सिटी अस्पताल में जाकर जांच पड़ताल की. निरीक्षण को दौरान ना कोई चिकित्सक पाए गए और ना ही मरीजों की सुविधा अनुसार मापदंड पाया गया. अस्पताल में चलाए जा रहे दवा दुकान भी गैर कानूनी रूप से चलाए जाने का मामला सामने आया है. जिस पर उपायुक्त ने काफी फटकार लगाई और अस्पताल के सभी दस्तावेज को जब्त कर दंडात्मक कार्रवाई करने और सील करने का आदेश दिया.
प्रारंभिक जांच में आयुष्मान कार्ड के नाम पर उजागर हुई गड़बड़ी
उपायुक्त ने कोर्ट रोड स्थित मंगलम नेत्रालय नाम के एक अस्पताल में जांच की. जहां पर एक भी मरीज नहीं पाया गया. जांच के दौरान अस्पताल में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था. डीसी ने जांच के दौरान पाया कि जो भी मोतियाबिंद के ऑपरेशन कराए गए हैं, उनका मोबाइल नंबर या तो केरल का है या लाभुक दूसरी जगह का है. जिस पर उपायुक्त ने कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
उपायुक्त रवि आनंद ने जानकारी देते हुए बताया कि सिटी हॉस्पिटल में शिकायत मिली थी. एक महीने में 600 मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया गया है. इसकी प्रारंभिक जांच कराई गई तो गड़बड़ी पाई गई. जांच के क्रम में काफी अनियमितता पाई गई है. उन्होंने बताया कि मोतियाबिंद ऑपरेशन में लाभूक दूसरे जगह का है या उनका नंबर बाहर का है. डीसी ने जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में जो दवा दुकान चलाई जा रही है, वह भी गैर कानूनी ढंग से संचालित किया जा रहा है. जिसको लेकर उन्होंने सभी दस्तावेज को जब्त और अस्पताल को सील कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.