यह बेहद ही चिंता का विषय है कि राज्य से छोटे-छोटे बच्चे गायब हो रहे हैं और उनका पता ही नहीं चल रहा है: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी
Ranchi: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सबसे दुखद बात यह है कि पुलिस मुख्यालय के नाक के नीचे अंश और अंशिका गायब हो गए और पुलिस अब तक उसे ढूंढ नहीं पाई है.
Jan 13, 2026, 19:52 IST
Ranchi: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्य से बच्चों के गायब होने पर चिंता जताई है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि यह बेहद ही चिंता का विषय है कि राज्य से छोटे-छोटे बच्चे गायब हो रहे हैं और उनका पता ही नहीं चल रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस पर गंभीर होना चाहिए.
इससे पहले भी कई छोटे-छोटे बच्चे गायब हो चुके हैंः अन्नपूर्णा देवी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सबसे दुखद बात यह है कि पुलिस मुख्यालय के नाक के नीचे अंश और अंशिका गायब हो गए और पुलिस अब तक उसे ढूंढ नहीं पाई है. इस मामले में भी पुलिस मौन है और सरकार गंभीर नहीं दिख रही है. उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है वहां पर इससे पहले भी कई छोटे-छोटे बच्चे गायब हो चुके हैं और उनका कोई पता नहीं चला है. ऐसे में राज्य सरकार को गंभीर होना चाहिए और तत्परता से उस गिरोह के बारे में पता लगाना चाहिए जो इस तरह से छोटे-छोटे बच्चों को गायब करने में सक्रिय हैं.
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को समय पर मानदेय नहीं मिलने पर दुख जताते हुए इसके लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा समय-समय पर राज्य सरकार के साथ जब बैठक होती है तो उसी दौरान संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर निर्देशित करती रही है.
फंड यूटिलाइजेशन एवं अन्य विषयों पर केंद्र सरकार के द्वारा लगातार पत्राचार भी राज्य सरकार को किया जाता रहा है. इसके बावजूद समय पर मांगे नहीं भेजी जाने के कारण अनावश्यक परेशानी होती है.
अंश और अंशिका के माता पिता से मिली थी अन्नपूर्णा देवी
उन्होंने कामकाज के तरीके पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यह बेहद ही दुर्भाग्य की बात है कि यदि आंगनबाड़ी सेविका को समय पर पैसे नहीं मिलते हैं. गौरतलब है कि अन्नपूर्णा देवी झारखंड दौरे पर हैं और इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन में शामिल होने वह प्रदेश कार्यालय पहुंची थीं. इससे पहले वह कल राजधानी रांची के धुर्वा से रहस्यमय ढंग से गुम अंश और अंशिका के माता पिता से मिलने भी गई थीं.