JAC 10वीं परीक्षा 2026 का रिजल्ट आउट: 4 लाख से ज्यादा छात्रों में 95.27% सफल, jacresults.com पर देखें मार्कशीट
Ranchi: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित मैट्रिक (सेकेंडरी) वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक और उत्साहजनक रहा. राज्य का कुल पास प्रतिशत 95.27% दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 3.56% अधिक है. इस शानदार परिणाम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राज्य में शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है.
इस वर्ष कुल 4,24,001 छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, जिसमें से 4 लाख 22 हजार 109 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 4 लाख 02 हजार 178 छात्र सफल घोषित किए गए. यह आंकड़ा बताता है कि बड़ी संख्या में छात्रों ने सफलता हासिल की है. परिणामों के विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि प्रथम श्रेणी में 2 लाख 26 हजार 957 द्वितीय श्रेणी में 1 लाख 60 हजार 673 और तृतीय श्रेणी में 14 हजार 548 छात्र उत्तीर्ण हुए.
इस बार की मेरिट लिस्ट भी काफी दिलचस्प रही. कुल चार छात्रों ने 498 अंक (99.60%) हासिल कर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया. इनमें हजारीबाग की प्रियांशु कुमारी, सिमडेगा की शिवांगी कुमारी, रांची के प्रेम कुमार साहू और सनी कुमार वर्मा शामिल हैं. इन छात्रों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से राज्य में शीर्ष स्थान हासिल कर अपने स्कूल और जिले का नाम रोशन किया है.
दूसरे स्थान पर 496 अंक (99.20%) के साथ कई छात्रों ने जगह बनाई, जिनमें गुमला और हजारीबाग के छात्र प्रमुख रहे. वहीं तीसरे स्थान पर 494 अंक (98.80%) के साथ भी कई छात्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
यदि प्रमंडलवार प्रदर्शन की बात करें तो कोल्हान प्रमंडल 96.32% पास प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा, जबकि संथाल परगना प्रमंडल 96.25% के साथ दूसरे स्थान पर रहा. दक्षिण छोटानागपुर, उत्तर छोटानागपुर और पलामू प्रमंडलों का प्रदर्शन भी 94% से अधिक रहा, जो संतोषजनक माना जा रहा है.
लड़कियों का दबदबा कायम
इस वर्ष भी लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ते हुए बेहतर प्रदर्शन किया है. कुल मिलाकर लड़कियों का पास प्रतिशत 95.51% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 95.01% दर्ज किया गया. यह अंतर भले ही कम हो, लेकिन यह लगातार इस बात को दर्शाता है कि बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं. हालांकि संथाल परगना प्रमंडल एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा, जहां लड़कों का प्रदर्शन लड़कियों से थोड़ा बेहतर रहा. इसके अलावा सभी प्रमंडलों में लड़कियां आगे रहीं.
वर्गवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछड़ा वर्ग (BC) के छात्रों का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा, जहां पास प्रतिशत 96.42% रहा. इसके बाद अनुसूचित जनजाति (ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (MBC) का प्रदर्शन 95.93% के साथ समान रहा. सामान्य वर्ग का पास प्रतिशत 94.85% और अनुसूचित जाति (SC) का 93.40% रहा.
पिछले सात वर्षों में बेहतर सुधार
यदि पिछले सात वर्षों के परिणामों से तुलना करें तो 2026 का रिजल्ट काफी बेहतर रहा है. 2024 में जहां पास प्रतिशत 90.40% तक गिर गया था, वहीं 2025 में यह 91.71% और अब 2026 में 95.27% पहुंच गया है. यह उछाल शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की मेहनत का संकेत देता है.
इस बार के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झारखंड में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है. सरकारी और निजी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल, डिजिटल संसाधनों का उपयोग और शिक्षकों की मेहनत का असर अब परिणामों में दिखने लगा है.
झारखंड बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 का परिणाम न केवल छात्रों के लिए खुशी का अवसर है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है. बेहतर पास प्रतिशत, बेटियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन और मेरिट लिस्ट में विभिन्न जिलों की भागीदारी यह दर्शाती है कि शिक्षा का दायरा अब व्यापक हो रहा है. आने वाले वर्षों में यह उम्मीद की जा रही है कि झारखंड शिक्षा के क्षेत्र में और भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा.
मैट्रिक परीक्षा 2026 का परिणाम छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का सामूहिक प्रतिफल है. इस वर्ष 95% से अधिक रिजल्ट हमारे लिए गर्व की बात है. खासकर बेटियों का बेहतर प्रदर्शन राज्य के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है. जो छात्र इस बार सफल नहीं हो सके हैं, वे निराश न हों, बल्कि अगली परीक्षा के लिए और अधिक मेहनत करें सफलता जरूर मिलेगी.
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