अल्टीमेटम पर भड़के जयराम महतो! कहा- ‘4 बार फोन किया, फिर भी नहीं सुनी बात’
Ranchi: बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस एसोसिएशन की ओर से माफी मांगने के लिए दिए गए अल्टीमेटम के बाद जयराम महतो ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया। विधायक ने कहा कि वह किसी धमकी से डरने वाले नहीं हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
जयराम महतो ने बरवाअड्डा थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाना प्रभारी खुद को ईमानदार बताते हैं, लेकिन क्षेत्र में आम लोगों को कथित तौर पर फर्जी प्राथमिकी में फंसाने का काम किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्पीकर को चार बार फोन करने का दावा
विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि स्पीकर विधायकों के कस्टोडियन होते हैं। इसी नाते उन्होंने मामले की स्थिति स्पष्ट करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को चार बार फोन किया, लेकिन उनकी ओर से कोई रुचि नहीं ली गई।
जयराम महतो ने आरोप लगाया कि मामले की सच्चाई जानने का प्रयास भी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अब वह भविष्य में स्पीकर को पत्र नहीं लिखेंगे।
तीन एफआईआर को बताया साजिश
जयराम महतो ने कहा कि उनके खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं और इसे उन्होंने अपने खिलाफ साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने शराब के नशे में उनके खिलाफ एफआईआर कराई। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में उनकी बात को नजरअंदाज किया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई का माहौल बनाया जा रहा है।
डीसी-एसपी और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
विधायक ने पुलिस एसोसिएशन की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी और डीसी द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने पर एसोसिएशन आवाज नहीं उठाता, लेकिन एक जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने पर संगठन सक्रिय हो जाता है।
उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों पर आम लोगों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं होती।
पुलिस का सम्मान, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का दावा
जयराम महतो ने कहा कि वह पुलिस विभाग का सम्मान करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जारी रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या पूरे पुलिस विभाग के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है।
विधायक ने क्षेत्र में कोयला और बालू चोरी के साथ-साथ यौन शोषण से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने से वह पीछे नहीं हटेंगे।
प्रिंस खान का जिक्र कर पुलिस एसोसिएशन पर सवाल
अपने बयान में जयराम महतो ने धनबाद के गैंगस्टर प्रिंस खान का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रिंस खान ने कथित तौर पर धनबाद के एसएसपी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था, तब पुलिस एसोसिएशन की ओर से इसी तरह का विरोध क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस माफिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में डरती है, जबकि जनप्रतिनिधि की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
24 घंटे से पांच दिन के अल्टीमेटम पर उठाए सवाल
जयराम महतो ने पुलिस एसोसिएशन के अल्टीमेटम पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें 24 घंटे के भीतर माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया गया था, जबकि अब पांच दिन का समय दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अल्टीमेटम की अवधि बदलने से वह दबाव में आने वाले नहीं हैं। जयराम महतो ने कहा कि वह तोपचांची की धरती से आते हैं और किसी तरह की धमकी से डरने वाले नहीं हैं।
इस पूरे विवाद में पुलिस एसोसिएशन की ओर से लगाए गए आरोपों और जयराम महतो के दावों के बीच अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर मामला और तूल पकड़ता नजर आ रहा है।