Jharkhand 108 Ambulance Strike: 36 घंटे ठप रहेगी सेवा! 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल...

झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. एंबुलेंस कर्मियों ने 36 घंटे तक सेवा ठप रखने और 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है. यदि हड़ताल होती है, तो आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हो सकती है. खासकर सड़क दुर्घटना, गंभीर बीमारी और अन्य मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
 

Ranchi:  झारखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। लंबित वेतन भुगतान, बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली और अन्य मांगों को लेकर 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अनुसार, 15 अक्टूबर की रात 8 बजे से 17 अक्टूबर की सुबह 8 बजे तक 36 घंटे के लिए एंबुलेंस सेवा बाधित रखने का निर्णय लिया गया है।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसके तहत 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

एनएचएम कार्यालय के सामने आज धरना-प्रदर्शन

आंदोलन के अगले चरण में 16 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारी संघ का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याएं लंबित हैं, लेकिन अब तक समाधान की दिशा में प्रभावी पहल नहीं की गई है।

संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज साहू के मुताबिक, 16 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बैठक हुई थी। उस दौरान 15 से 20 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया गया था।

एक महीने बाद भी नहीं निकला समाधान

कर्मचारी संघ का आरोप है कि आश्वासन मिलने के बावजूद एक महीने से अधिक समय बीत जाने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी, लेकिन समाधान नहीं निकलने से उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है।

संघ के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री से दोबारा वार्ता करने के लिए समय मांगने के बावजूद मुलाकात नहीं हो सकी। इससे कर्मचारियों में असंतोष और गहरा गया है।

वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश से बढ़ी नाराजगी

कर्मचारियों की नाराजगी उस समय और बढ़ गई, जब विभाग की ओर से एंबुलेंस संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश जारी किया गया। संघ का मानना है कि उनकी मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी से विवाद बढ़ सकता है।

21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित वेतन, बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली और अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

यदि आंदोलन लंबा खिंचता है, तो इसका असर आपातकालीन मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ने की आशंका है। अब देखना होगा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाते हैं।