Jharkhand 108 Ambulance Strike: हड़ताल टली, अब 26 अक्टूबर से आंदोलन! कर्मचारियों की क्या हैं मांगें?
Ranchi: झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी प्रस्तावित राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल को पांच दिनों के लिए टाल दिया है। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने अब 21 अक्टूबर के बजाय 26 अक्टूबर 2026 से आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ हुई बातचीत और उनके आग्रह के बाद संघ ने हड़ताल की तारीख आगे बढ़ाई है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने 20 अक्टूबर को जारी पत्र में इस फैसले की जानकारी दी। संघ के मुताबिक, त्योहारों के दौरान आम लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए हड़ताल स्थगित की गई है। इस दौरान सरकार से कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की उम्मीद जताई गई है।
25 अक्टूबर की रात तक चलेगी एंबुलेंस सेवा
संघ ने अपने सभी जिला अध्यक्षों, जिला सचिवों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि 25 अक्टूबर 2026 की रात 11:59 बजे तक 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन सामान्य रूप से जारी रखा जाए। इसके बाद 26 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करने की तैयारी है।
कर्मचारी संघ का कहना है कि सरकार को लंबित मांगों पर विचार करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। यदि इस अवधि में समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होती है, तो कर्मचारी अपने पूर्व निर्धारित आंदोलन को आगे बढ़ा सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में नहीं निकला था समाधान
इससे पहले 16 अक्टूबर को नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में कर्मचारियों की समस्याओं पर बैठक हुई थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह भी मौजूद थे। बैठक में विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई थी।
इसके बाद संघ ने 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया था। अब अपर मुख्य सचिव के आग्रह के बाद आंदोलन की तारीख बदल दी गई है।
क्या हैं 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
कर्मचारी संघ लंबे समय से कई मांगों को लेकर आवाज उठा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
-
108 एंबुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जनों के माध्यम से कराया जाए।
-
कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान किया जाए।
-
सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को बहाल किया जाए।
-
कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम और ग्रेच्युटी जैसे वैधानिक लाभ दिए जाएं।
-
वेतन में कथित कटौती और भुगतान में देरी से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए।
सरकार के फैसले पर टिकी कर्मचारियों की नजर
108 एंबुलेंस सेवा आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में कर्मचारियों की प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल संघ ने सरकार को मांगों पर पहल करने का समय दिया है। अब देखना होगा कि 26 अक्टूबर से पहले सरकार और कर्मचारी संघ के बीच कोई सहमति बनती है या आंदोलन शुरू होता है।