Jharkhand: अलका तिवारी मंगलवार तक मुख्य सचिव, नए की तलाश तेज, किसके सर सजेगा ताज?
Jharkhand Desk: झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी का शुक्रवार (26 सितंबर) अंतिम कार्य दिवस था, क्योंकि वे 30 सितंबर को रिटायर होने वाली हैं. मिली जानकारी के अनुसार, अलका तिवारी ने अभी तक एक्सटेंशन के लिए आवेदन नहीं दिया है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि वे निजी कारणों से एक्सटेंशन नहीं लेना चाहती हैं. अब उनकी जगह किन्हें राज्य का अगला मुख्य सचिव बनाया जाएगा इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गहमागहमी है. वरिष्ठता, कार्यक्षमता और मुख्यमंत्री के भरोसे के समीकरणों के बीच चयन करना सरकार के लिए चुनौती होगी. हालांकि, कुछ नामों पर चर्चा तेज है, लेकिन अभी कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है.
इन नामों पर चल रही चर्चा
अलका तिवारी के रिटायरमेंट के बाद कई आईएएस अधिकारियों के नाम मुख्य सचिव पद के लिए सामने आ रहे हैं. वरीयता के हिसाब से शैलेश कुमार, अविनाश कुमार और अजय कुमार सिंह के नाम चर्चा में हैं. 1991 बैच के आईएएस शैलेश कुमार भारत सरकार में सचिव, ग्रामीण विकास के पद पर कार्यरत हैं, जबकि 1993 बैच के अविनाश कुमार मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव और 1995 बैच के अजय कुमार सिंह स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं.
मुख्य सचिव की कुर्सी पर कौन?
बता दें कि शैलेश कुमार सीनियरिटी लिस्ट में वह अगली पंक्ति में माने जाते हैं. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से उनकी वापसी और प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया केंद्र एवं राज्य दोनों स्तर पर करनी होगी. वहीं, अविनाश कुमार वर्तमान में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी हैं और उनका नाम अक्सर मुख्यमंत्री से करीब पहचान वाले अधिकारी के रूप में जुड़ता है. जबकि, अजय कुमार सिंह के नाम को भविष्य की बेंचमार्क पोस्ट के रूप में भी देखा जा रहा है.
चयन प्रक्रिया पर शासन की नजर
बता दें कि मुख्य सचिव नियुक्ति केंद्रीय और राज्य सरकार की सहमति से होती है. सरकार को केंद्र से प्रतिनियुक्ति अथवा आवेदन के माध्यम से नाम वापस लेना होगा. इसके अतिरिक्त राजनीतिक संतुलन और मुख्यमंत्री का भरोसा भी महत्वपूर्ण बात होगी. वहीं, कुछ वरिष्ठ अधिकारी पद नहीं लेना चाहते, इसलिए विकल्प सीमित हो सकते हैं. यदि शैलेश कुमार को लाया जाता है तो भविष्य में पदोन्नति के लिए अवसर खुलेंगे. अब देखना होगा कि इन तीनों में से किसे राज्य का मुख्य सचिव बनाया जाता है.
अस्थायी चार्ज की भी संभावना
इधर, अलका तिवारी की बात करें तो अलका तिवारी 1988 बैच की आईएएस अफसर हैं और 1 नवंबर 2024 को उन्हें राज्य का मुख्य सचिव बनाया गया था. राज्य सचिवालय बंदी और त्योहारी छुट्टियों के बीच इस फैसले की प्रक्रिया में समय का दबाव है. जबकि, अलका तिवारी ने एक्सटेंशन के लिए आवेदन नहीं किया है जिससे उनके स्थान का समय रहते चयन अनिवार्य हो गया है. ऐसे में अब देखना होगा कि उनके रिटायरमेंट के बाद किसे राज्य का अगला मुख्य सचिव बनाया जाएगा, या फिर किसी को अस्थायी चार्ज दिया जाएगा.