Jharkhand Assembly: JPSC-JSSC मुद्दे पर विधानसभा में जोरदार हंगामा, सदन में गरमाया मामलाJharkhand Assembly

Jharkhand Assembly Monsoon Session: झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ. विपक्ष ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा. छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के बाद झारखंड की राजनीति गरमा गई है और मानसून सत्र का केंद्र बिंदु अब JPSC-JSSC विवाद बन गया है.
 

Jharkhand Assembly Monsoon Session: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का मंगलवार को चौथा दिन है। 6 अगस्त से शुरू हुआ यह सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। पांच कार्यदिवसीय इस सत्र में प्रश्नकाल, अनुपूरक बजट, विभिन्न विभागों की रिपोर्ट और कई विधेयकों पर चर्चा प्रस्तावित है। हालांकि, पूरे सत्र के दौरान JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में है।

विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद मंगलवार को यह मुद्दा सदन में भी जोरदार तरीके से उठा। विपक्षी सदस्यों ने सरकार से जवाब मांगते हुए प्रदर्शन किया, जिसके कारण विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई।

विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस में टकराव

सोमवार को रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव का प्रयास किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए। छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

वहीं, पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

सदन में JPSC-JSSC मुद्दे पर जोरदार हंगामा

मंगलवार को मानसून सत्र के दौरान विपक्षी सदस्यों ने JPSC-JSSC विवाद और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग किया गया।

मामले को लेकर सदन में नारेबाजी हुई और विपक्षी सदस्य वेल में पहुंचकर विरोध जताते नजर आए। हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही कई बार प्रभावित हुई।

विपक्ष ने JPSC-JSSC प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

छात्रों की मांगों को लेकर सरकार का क्या कहना है?

सत्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए तैयार है। सरकार ने यह भी कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहले भी बातचीत के कई दौर हो चुके हैं। हालांकि, परीक्षा रद्द करने, जांच की एजेंसी और अन्य मांगों को लेकर अभी भी कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है।

JPSC-JSSC विवाद बना सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा

JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। छात्र आंदोलन, कथित परीक्षा अनियमितता और पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है।

वहीं, सरकार का कहना है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा।

मानसून सत्र के बचे हुए दिनों में भी JPSC-JSSC विवाद के गरमाए रहने की संभावना है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि सरकार विपक्ष के सवालों का क्या जवाब देती है और छात्रों की मांगों को लेकर आगे क्या फैसला लिया जाता है।