Jharkhand Bandh: रांची में बंद का असर! Albert Ekka Chowk जाम, पेंशन-नौकरी की मांग पर प्रदर्शन

Ranchi:  झारखंड बंद का असर राजधानी रांची में भी देखने को मिला. अलबर्ट एक्का चौक पर आंदोलनकारियों के प्रदर्शन के कारण जाम की स्थिति बनी. प्रदर्शनकारियों ने पेंशन और नौकरी समेत अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की. बंद के दौरान प्रमुख मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
 

Ranchi:   झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से बुलाए गए झारखंड बंद के तहत बुधवार को राजधानी रांची में आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने अलबर्ट एक्का चौक पर सड़क जाम कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। हालांकि, प्रशासन के साथ बातचीत के बाद कुछ देर में जाम हटा लिया गया। इसके बाद आंदोलनकारी सीपीआई कार्यालय के पास बैठ गए।

अलबर्ट एक्का चौक पर किया सांकेतिक प्रदर्शन

बुधवार सुबह करीब सवा नौ बजे पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता, मोर्चा के प्रधान सचिव पुष्कर महतो, शीला कच्छप, अनथन लकड़ा, रेखा देवी, सिमोन तिग्गा, करमा तिग्गा समेत अन्य आंदोलनकारी अलबर्ट एक्का चौक पहुंचे। यहां उन्होंने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए कुछ देर के लिए आवागमन बाधित किया।

जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद आंदोलनकारियों ने जाम हटा लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सीपीआई कार्यालय के पास जाकर बैठ गए।

मोर्चा के प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि अलबर्ट एक्का चौक पर किया गया प्रदर्शन सांकेतिक था। इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान झारखंड आंदोलनकारियों की लंबे समय से लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना है।

रांची में बंद का व्यापक असर नहीं

आंदोलनकारियों के मुताबिक, रांची शहर में अलबर्ट एक्का चौक पर थोड़ी देर के जाम को छोड़कर बंद का व्यापक असर देखने को नहीं मिला। शहर में वाहनों का परिचालन सामान्य रहा और दुकानें व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी खुले रहे।

हालांकि, आंदोलनकारियों के सड़क पर उतरने के कारण राज्य के कुछ अन्य इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई। चतरा, पलामू, गुमला, गढ़वा, रामगढ़ और धनबाद के बरवा अड्डा समेत कुछ क्षेत्रों में बंद का असर बताया गया।

जेल जाने की बाध्यता खत्म करने की मांग

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया से जुड़ी जेल जाने की बाध्यता समाप्त करने की मांग उठाई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड आंदोलन में शामिल रहे लोगों को उनकी भूमिका के आधार पर सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

मोर्चा ने सभी झारखंड आंदोलनकारियों के लिए 50-50 हजार रुपये की सम्मान पेंशन देने की मांग भी की है।

बच्चों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता की मांग

आंदोलनकारियों ने अपने बच्चों और आश्रितों के लिए सरकारी नौकरियों में गारंटी तथा रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता देने की मांग रखी है। इसके अलावा आंदोलनकारियों को राजकीय सम्मान देने और उनकी अलग पहचान सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

मोर्चा का कहना है कि झारखंड आंदोलन में योगदान देने वाले आंदोलनकारियों की लंबित मांगों पर सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए। बुधवार के प्रदर्शन के जरिए इन्हीं मुद्दों को सरकार के सामने रखने का प्रयास किया गया।