सोमा मुंडा हत्याकांड के खिलाफ 17 जनवरी को झारखंड बंद, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से असंतोष बरकरार...
Khunti: पड़हा मैदान में सुबह करीब 11 बजे से ही लोगों का जुटान शुरू हो गया था. कुछ ही देर में जवान, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में एकत्र हो गए...
Jan 13, 2026, 12:47 IST
Khunti: खूंटी सदर प्रखंड के हुटार स्थित जियारप्पा में सोमवार को एदेल संगा पड़हा राजा स्वर्गीय सोमा मुंडा की स्मृति में विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस मौके पर हजारों की संख्या में ग्रामीणों, समाज के प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के नेताओं ने पहुंचकर अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की.
श्रद्धांजलि सभा में नेता समेत अन्य लोगों का हुआ जुटान
पूर्व निर्धारित पड़हा मैदान में सुबह करीब 11 बजे से ही लोगों का जुटान शुरू हो गया था. कुछ ही देर में जवान, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में एकत्र हो गए. पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित इस सभा की शुरुआत पत्थलगढ़ी कर गाड़े गए स्मारक के पारंपरिक पूजन से हुई. इसके बाद स्व. सोमा मुंडा के चित्र पर उनके परिजनों सहित उपस्थित लोगों ने माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की.
सभा में पड़हा समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए राजा और समाज के प्रमुख नेताओं ने अपने विचार साझा किए. महादेव मुंडा, कमल सांगा, प्रेम सांगा, मंगल सिंह मुंडा, सनिका भेंगरा सहित अन्य पड़हा राजाओं ने स्व. सोमा मुंडा के साथ जुड़े अनुभवों को साझा करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया. वक्ताओं ने कहा कि स्व. सोमा मुंडा निर्भय, संघर्षशील और आदिवासी समाज के हक-अधिकारों के लिए हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे. शिक्षा, रोजगार, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उनका संघर्ष हमेशा याद किया जाएगा.
प्रशासन को 72 घंटे का मिला था अल्टीमेटम: समिति
इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई. सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और आदिवासी समाज के गणमान्य लोग भी मौजूद थे. मौके पर झारखंड पार्टी के जिला महासचिव योगेश वर्मा, अबुआ झारखंड पार्टी के अध्यक्ष रिदन होरो, पौलूस नाग, मार्शल बारला समेत कई नेता उपस्थित रहे. श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से आदिवासी समन्वय समिति ने स्व. सोमा मुंडा के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रशासन को कड़ा संदेश दिया.
समिति ने कहा कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई सामने नहीं आई है. आदिवासी नेताओं ने ऐलान किया कि यदि 16 जनवरी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो 17 जनवरी को पूरे झारखंड में बंद बुलाया जाएगा.
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बंद न्याय की मांग और प्रशासन की कथित लापरवाही के विरोध में होगा. नेताओं ने जनता से बंद को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन आदिवासी समाज की आवाज को मजबूती से उठाने का माध्यम है.