झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: पर्यटकों पर लगेगा ‘सिटी टूरिस्ट टैक्स’, छात्राओं को मिलेगी मानकी-मुंडा छात्रवृत्ति का लाभ

 
    •    होटल में ठहरने वाले पर्यटकों को 2% से 5% तक टैक्स देना होगा
    •    मंत्री-विधायकों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा, शिशु देखभाल अवकाश पर वेतन का भी प्रावधान
Bihar News: झारखंड सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने और राजस्व बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सिटी टूरिस्ट टैक्स लागू करने को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद राज्य के होटलों में ठहरने वाले पर्यटकों को 2 से 5 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैक्स देना होगा।

कैबिनेट बैठक में कुल 40 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद कैबिनेट की प्रधान सचिव वंदना ददेल ने बताया कि नए नियमों के तहत होटल में लागू जीएसटी के आधार पर पर्यटकों से टैक्स लिया जाएगा।

होटल के हिसाब से तय होगा टैक्स

सरकार के नए नियम के अनुसार:
    •    जिस होटल में जीएसटी नहीं है, वहां भारतीय पर्यटकों से 2% टैक्स लिया जाएगा।
    •    जहां 18% से कम जीएसटी है, वहां 2.5% टैक्स देना होगा।
    •    और जिन होटलों में 18% या उससे अधिक जीएसटी है, वहां 5% सिटी टूरिस्ट टैक्स लगेगा।

वहीं विदेशी पर्यटकों को भारतीय पर्यटकों की तुलना में दोगुना टैक्स देना होगा।

मंत्री-विधायकों को मिलेगी मुफ्त चिकित्सा सुविधा

कैबिनेट ने एक और अहम निर्णय लेते हुए राज्य के मंत्री, विधायक और पूर्व विधायकों को विशेष चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया है। इस योजना के तहत इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

तकनीकी शिक्षा लेने वाली छात्राओं को भी छात्रवृत्ति

सरकार ने मानकी-मुंडा छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ा दिया है। पहले यह छात्रवृत्ति केवल तकनीकी विश्वविद्यालय से जुड़े संस्थानों की इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक छात्राओं को मिलती थी, लेकिन अब उच्च शिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा ले रही सभी छात्राएं इसका लाभ उठा सकेंगी।

इस योजना के तहत:
    •    डिप्लोमा करने वाली छात्राओं को 15 हजार रुपये प्रतिवर्ष
    •    बीटेक या बीई की छात्राओं को 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति दी जाएगी।

शिशु देखभाल अवकाश पर वेतन का प्रावधान

सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए भी राहत भरा फैसला लिया है। शिशु देखभाल अवकाश के दौरान अब वेतन भी मिलेगा। पहले वर्ष के 365 दिनों की छुट्टी पर 100 प्रतिशत वेतन, जबकि दूसरे वर्ष के 365 दिनों के लिए 80 प्रतिशत वेतन दिया जाएगा।

डालटनगंज स्टेशन का बदला नाम

कैबिनेट ने डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मेदिनीनगर करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा नेतरहाट विद्यालय के कर्मचारियों को 20 प्रतिशत विशेष वेतन देने का निर्णय लिया गया है।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से पर्यटन, शिक्षा और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कई क्षेत्रों में सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।