झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार को दी खुली चेतावनी, गरजती हुए कहा- अगर...

Dumka: चोरी कर प्रजातंत्र के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भले ही हम मानसिक, बौद्धिक और आर्थिक तौर पर कमजोर हैं, लेकिन मूर्ख नहीं है. हमारे खिलाफ की जा रही राजनीतिक चक्रव्यूह, षड्यंत्र को भली भांति समझते हैं और उसका जवाब भी देना जानते हैं...
 

Dumka: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार को खुली चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि वह न सिर्फ अपने राज्य के उन अधिकारों को वापस पाने के लिए लड़ेंगे जो केंद्र सरकार के पास हैं, बल्कि अगर जरूरत पड़ी तो कोर्ट भी जाएंगे.

हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया. यह बातें उन्होंने दुमका के गांधी मैदान में जेएमएम के 47वें झारखंड दिवस समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए कहीं.

सीएम हेमंत सोरेन ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि संवैधानिक शक्तियों को जेब में रखकर और वोट चोरी कर प्रजातंत्र के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि भले ही हम मानसिक, बौद्धिक और आर्थिक तौर पर कमजोर हैं, लेकिन मूर्ख नहीं है. हमारे खिलाफ की जा रही राजनीतिक चक्रव्यूह, षड्यंत्र को भली भांति समझते हैं और उसका जवाब भी देना जानते हैं.
सीएम हेमंत सोरेन ने लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आप सब की बदौलत ही हम यहां मौजूद हैं. आप ऐसे ही एकजुट होकर हमारा साथ दें. अगर आप अपना अधिकार प्राप्त करना चाहते हैं तो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें ताकि समाज में वे बेहतर स्थान प्राप्त कर राज्य को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें.
दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संथाली भाषा में लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा कि काफी मेहनत से उन्होंने इस राज्य को अलग कराया. यहां के लोगों को उनका अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने काफी कष्ट उठाया.
उन्होंने कहा कि आज वह हमारे साथ नहीं हैं पर उनकी यादें हमेशा साथ रहेंगी. उन्होंने जो मार्ग दिखाया हमलोग उस पर चलते हुए झारखंड को आगे बढ़ाएंगे.
इधर, झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन अंसारी और राजमहल सांसद विजय हांसदा ने लोगों से एसआईआर के प्रति सजग रहने की बात कही.
मंत्री ने कहा कि एसआईआर के दौरान तरह-तरह का प्रोपेगेंडा अपनाकर नाम काटने का प्रयास किया जा सकता है. वहीं, विजय हांसदा ने कहा ध्यान रखें कि किसी का नाम नहीं कटे.