SIR को लेकर झारखंड निर्वाचन विभाग अलर्ट, प्रमंडलीय आयुक्तों के साथ हुई अहम बैठक

Ranchi:इसके बाद 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच 'वन पैरेंट रूल' के तहत भारत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के माता या पिता में से किसी एक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है. वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद 'टू पैरेंट रूल' लागू होता है.
 

Ranchi: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारियों को लेकर निर्वाचन विभाग सक्रिय हो गया है. इसी क्रम में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों के साथ ऑनलाइन बैठक कर समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. बैठक के दौरान अधिकारियों को SIR की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया गया.

बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी चरणों का पालन निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सके. बैठक को लेकर सीईओ ने कहा कि 30 जून से 29 जुलाई तक एन्यूमरेशन फेज के दौरान बीएलओ घर–घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए एन्यूमरेशन फॉर्म बाटेंगे और मतदाताओं के वर्तमान रंगीन फोटो के साथ उनके द्वारा सिग्नेचर किया हुआ एन्यूमरेशन फॉर्म संकलित करेंगे. 

 कहा कि भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 और इसके संशोधनों के तहत नागरिकता निर्धारण के लिए जन्म तिथि के आधार पर तीन मुख्य समय-सीमाएं तय की गई हैं. पहली समयावधि 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच की है. जिसके तहत 'बर्थ राइट रूल' लागू होता है. इस अवधि में भारत में जन्मा हर व्यक्ति भारतीय नागरिक माना जाता है.

इसके बाद 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच 'वन पैरेंट रूल' के तहत भारत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के माता या पिता में से किसी एक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है. वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद 'टू पैरेंट रूल' लागू होता है. जिसके अनुसार माता-पिता दोनों का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है या फिर एक पैरेंट भारतीय नागरिक हो और दूसरा गैर भारतीय पैरेंट बच्चे के जन्म के समय भारत के लिए मान्य पासपोर्ट और वीजा का धारक हो एवं अवैध अप्रवासी न हो.

5 अगस्त को जारी होगा मतदाता सूची का ड्राफ्ट

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने वाले प्रत्येक मतदाता का नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाले मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में प्रकाशित होगा. ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद वैसे मतदाता, जिनकी मैपिंग सही पाई जाएगी, उन्हें किसी प्रकार के कोई दस्तावेज नहीं देने होंगे. एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने के समय भी मतदाता पिछले एसआईआर से अपनी मैपिंग करा सकते हैं.

सीईओ ने कहा कि एन्यूमरेशन फॉर्म लौटाते समय एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट एवं रिफ्यूज टू साईन कैटेगरी के मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 से वेरिफिकेशन करते हुए ड्राफ्ट पब्लिकेशन के साथ इसकी सूची का भी प्रकाशन किया जाएगा. के रवि कुमार ने कहा है कि एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करते समय बीएलओ द्वारा नए मतदाताओं को फॉर्म-6 और डिक्लेरेशन फॉर्म दिया जाएगा.

मतदाताओं द्वारा भरे हुए फॉर्म-6 का ऑनलाइन अपडेट का कार्य नोटिस एवं सत्यापन की अवधि में किया जाएगा. सीईओ ने बताया कि फॉर्म भरते समय मतदाताओं द्वारा घोषणा पत्र के साथ–साथ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बताए गए 11 दस्तावेजों में से कोई एक संबंधित दस्तावेज जमा करने होंगे.

जामताड़ा जिला के नाला और जामताड़ा विधानसभा में अबतक 88.75 प्रतिशत मैपिंग का कार्य किया गया है. जिसमें नाला विधानसभा में अनमैपट 20706 और जामताड़ा विधानसभा में 43482 यानि दोनों विधानसभा के 64153 मतदाताओं का मैप होना बाकी है. इस पर उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि सभी बीएलओ और उनके साथ वॉलिंटियर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. किसी भी मतदाता का नाम काटे नहीं और कोई छुटे नहीं, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा. साथ ही चुनाव आयोग का गाइडलाइन के अनुरूप काम किया जाएगा. डीसी ने इस कार्य के लिए राजनीतिक दलों और मीडियो से सहयोग करने की अपील की.