झारखंड सरकार JPSC परीक्षा रद्द करने पर सहमत, लेकिन CBI जांच की मांग पर अब भी अड़े छात्र
JPSC-JSSC Ranchi Protest: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों के साथ लगातार हुई बातचीत के बाद सरकार ने 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) को रद्द करने का निर्णय लिया है। रविवार देर शाम मंत्री सुदिव्य कुमार ने इसकी औपचारिक घोषणा की।
सरकार ने 14वीं JPSC PT के अलावा हाल में आयोजित बैकलॉग परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला किया है। हालांकि, छात्र अभी भी CBI से जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। सरकार ने CBI की जगह CID और ED से जांच कराने का निर्णय लिया है।
CID और ED करेगी मामले की जांच
मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच CID और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने का फैसला लिया गया है। CID आपराधिक मामलों से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी, जबकि ED मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच करेगी।
सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर विचार करने के लिए नामित चारों मंत्री, JSSC चेयरमैन प्रशांत कुमार और CID के IG मनोज कौशिक भी प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद रहे।
मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से ले रही है और इसी के तहत 14वीं JPSC PT और बैकलॉग परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है।
CGL परीक्षा रद्द करने पर सरकार ने क्या कहा?
छात्रों की ओर से CGL समेत अन्य परीक्षाओं को रद्द करने की मांग भी की जा रही है। इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि CGL परीक्षा के मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार नियुक्तियां हो चुकी हैं। ऐसे में नियुक्ति के बाद परीक्षा को रद्द करना सरकार के लिए आसान नहीं है।
हालांकि, सरकार ने छात्रों के सामने प्रस्ताव रखा है कि यदि CGL परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जा सकती है। मंत्री ने कहा कि यदि इस संबंध में कोई न्यायिक आदेश आता है तो सरकार उसका पालन करेगी।
मंत्री की छात्रों से आंदोलन खत्म करने की अपील
मंत्री सुदिव्य कुमार ने छात्रों से प्रस्तावित विधानसभा घेराव और आंदोलन नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ है और पिछले तीन दिनों से लगातार बातचीत चल रही है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन तब होता है जब सरकार मांगों पर विचार नहीं करती, लेकिन यहां सरकार लगातार छात्रों से बातचीत कर रही है और उनकी मांगों पर निर्णय भी लिया गया है। मंत्री ने छात्रों से हठधर्मिता छोड़कर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
JPSC को मजबूत करने के लिए बनेगा नया SOP
सरकार ने JPSC की परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए नया SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करने का भी फैसला लिया है। मंत्री के मुताबिक, इस SOP को तैयार करने में IIM समेत अन्य विशेषज्ञ संस्थानों की राय ली जाएगी।
सरकार ने छात्रों से सुझाव लेने के लिए एक पोर्टल भी शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए अभ्यर्थी नई SOP को लेकर अपनी राय और सुझाव सरकार तक पहुंचा सकेंगे।
CBI की जगह ED जांच पर सरकार की सफाई
CBI जांच की मांग को लेकर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि पिछली JPSC सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच को 20 साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि इसी अनुभव को देखते हुए सरकार ने CID के साथ केंद्रीय एजेंसी के तौर पर ED से जांच कराने का फैसला किया है। हालांकि, छात्रों की ओर से CBI जांच की मांग अब भी जारी है।
JPSC चेयरमैन ने रिजल्ट को लेकर दी सफाई
JPSC चेयरमैन प्रशांत कुमार ने परीक्षा और रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने बताया कि कई बार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेज गलत या संदिग्ध पाए जाते हैं। ऐसे अभ्यर्थियों को नोटिस देकर दो या तीन बार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।
इसी वजह से कुछ अभ्यर्थियों का रिजल्ट पहले जारी हो जाता है, जबकि दस्तावेजों को लेकर संदेह वाले अभ्यर्थियों का परिणाम बाद में जारी किया जाता है। यदि वे सत्यापन प्रक्रिया में सही पाए जाते हैं तो उन्हें भी रिजल्ट में शामिल किया जाता है।
JSSC परीक्षा में भी किए जा रहे सुधार
JSSC चेयरमैन ने कहा कि परीक्षा में माफिया और नकल कराने वाले तत्वों को रोकने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों वाली परीक्षाओं को दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कई परीक्षाएं CBT यानी कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में भी कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी JSSC परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या 50 हजार से अधिक होती है तो PT और मुख्य परीक्षा की व्यवस्था की गई है।
अभ्यर्थी देख सकेंगे अपना और अन्य छात्रों का स्कोर
प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अभ्यर्थी अपने लॉगिन के जरिए अपना स्कोर कार्ड देख सकेंगे। इसके साथ ही अन्य अभ्यर्थियों के अंक और रैंक की जानकारी भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आयोग पूरी पारदर्शिता के साथ मेरिट लिस्ट और संबंधित जानकारी अभ्यर्थियों के लॉगिन में उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।
छात्रों के लिए खुलेगा सुविधा केंद्र
JSSC की ओर से छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए स्टूडेंट सुविधा केंद्र खोलने की भी घोषणा की गई है। यहां अभ्यर्थियों के लिए बैठने, पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
छात्र इस केंद्र पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। आयोग की ओर से दावा किया गया है कि शिकायतों का जवाब एक सप्ताह के भीतर देने का प्रयास किया जाएगा।
गड़बड़ी करने वालों पर होगी कार्रवाई: CID
CID के ADG मनोज कौशिक ने कहा कि JPSC मामले में जांच लगातार जारी है और सरकार का आदेश मिलने के बाद CID ने बिना देरी कार्रवाई शुरू कर दी थी।
उन्होंने बताया कि मामले से संबंधित किसी भी जानकारी, शिकायत या सबूत को CID तक पहुंचाने के लिए ईमेल आईडी और फोन नंबर जारी किए गए हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि यदि उनके पास परीक्षा में गड़बड़ी से संबंधित कोई जानकारी है तो उसे जांच एजेंसी के साथ साझा करें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी। जांच के दौरान जो भी व्यक्ति गड़बड़ी में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा घेराव को लेकर प्रशासन अलर्ट
छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। CID के ADG ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों की ओर से लगातार छात्रों से आंदोलन स्थगित कर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की जा रही है।
हालांकि, यदि छात्र विधानसभा घेराव करते हैं तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की अपील की है।
फिलहाल सरकार द्वारा 14वीं JPSC PT और बैकलॉग परीक्षा रद्द करने के फैसले के बावजूद CBI जांच की मांग पर छात्र संगठनों का रुख स्पष्ट नहीं बदला है। ऐसे में सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध पूरी तरह खत्म होने में अभी और बातचीत की जरूरत पड़ सकती है।