Jharkhand Health Alert: झारखंड में बढ़े फ्लू के मरीज! सर्दी-खांसी, बुखार और ब्रेन हेमरेज पर बड़ा अपडेट
Jharkhand Health Alert: झारखंड में मौसम के बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। सुबह और शाम ठंडक, जबकि दिन में हल्की गर्मी के कारण सर्दी, खांसी, गले में खराश और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पतालों की ओपीडी में सामान्य फ्लू से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ अस्पतालों में कुल ओपीडी के करीब 30 प्रतिशत मरीज मौसमी फ्लू की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं, ठंड बढ़ने के साथ ब्रेन हेमरेज के मरीजों के अस्पताल पहुंचने की खबरों के बीच ब्लड प्रेशर के मरीजों को नियमित दवा लेने और स्वास्थ्य की निगरानी करने को कहा गया है।
ओपीडी में बढ़े सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज
मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 250 मरीजों वाली ओपीडी में 70 से 75 मरीज सामान्य फ्लू से पीड़ित पाए जा रहे हैं। इनमें सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश की शिकायत प्रमुख है।
कुछ मरीज लगातार खांसी होने के कारण छाती में दर्द की परेशानी भी बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों को कफ निकालने में कठिनाई हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को संक्रमण से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। सुबह और शाम ठंड से बचाव के लिए मौसम के अनुरूप कपड़े पहनने चाहिए। बच्चों की दिनचर्या और खानपान पर भी ध्यान देना चाहिए।
इसके साथ ही हाथों की साफ-सफाई, पर्याप्त आराम और संतुलित भोजन का ध्यान रखना जरूरी है। बहुत ठंडे खाद्य पदार्थों से परेशानी बढ़ती हो, तो उनका सेवन कम किया जा सकता है। हालांकि, सामान्य फ्लू से बचाव के लिए केवल ठंडे खाद्य पदार्थों से परहेज करना पर्याप्त नहीं है।
लगातार खांसी और छाती में दर्द को न करें नजरअंदाज
सर्दी-खांसी के साथ लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी या छाती में दर्द होने पर चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। खासकर बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को लक्षण बढ़ने पर देरी नहीं करनी चाहिए।
रिम्स की वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रश्मि सिन्हा के अनुसार, मौसम में अचानक बदलाव के कारण सामान्य फ्लू के मरीज बढ़ रहे हैं। उन्होंने लोगों को सुबह और शाम ठंड से बचने तथा मौसम के अनुरूप दिनचर्या अपनाने की सलाह दी है।
ठंड बढ़ने पर ब्रेन हेमरेज के मामलों को लेकर भी चिंता
मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ अस्पताल में ब्रेन हेमरेज के मरीजों के पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में दो से तीन मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों ने विशेष रूप से हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें नियमित रूप से बीपी की जांच करानी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद नहीं करनी चाहिए। अचानक तेज सिरदर्द, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी, बोलने में परेशानी या चेहरे का एक ओर झुकना जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
झारखंड के अस्पतालों की गुणवत्ता सुधारने की तैयारी
एक ओर मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज की गुणवत्ता बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अनुरूप तैयार करने की पहल की जा रही है।
इसके तहत सभी जिलों को अस्पतालों में मौजूद कमियों की पहचान कर निर्धारित समयसीमा में उन्हें दूर करने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों के आंतरिक मूल्यांकन और गुणवत्ता प्रमाणन की प्रक्रिया में तेजी लाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा पर फोकस
इस पहल के तहत चिकित्सा पदाधिकारियों, अस्पताल प्रभारियों, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधकों, जिला डाटा प्रबंधकों, महामारी विशेषज्ञों और सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण में अस्पतालों की साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की सुरक्षा, इलाज की गुणवत्ता और चिकित्सा रिकॉर्ड के रखरखाव से जुड़े पहलुओं को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य संस्थानों का आंतरिक मूल्यांकन कर कमियों को दूर करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इसका उद्देश्य अस्पतालों की सेवाओं में सुधार करना, मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य संस्थानों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार करना है।
स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सलाह: बदलते मौसम में सर्दी-खांसी या बुखार होने पर लक्षणों पर नजर रखें। सांस लेने में परेशानी, छाती में दर्द या स्ट्रोक के संकेत दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। हाई बीपी के मरीज नियमित दवा लेते रहें और डॉक्टर की सलाह का पालन करें।