JPSC उम्र सीमा विवाद को लेकर याचिका दायर करने वाले छात्रों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत, पढ़िये हाईकोर्ट ने क्या कहा..

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग( JPSC ) की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 (14वीं JPSC) में उम्र सीमा में छूट के लिए छात्रों के समूह के द्वारा दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. शुक्रवार की सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए JPSC को यह निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट का रूख करने वाले छात्रों को ऑफलाइन फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए. 
 

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025 (14वीं JPSC) में उम्र सीमा को लेकर चल रहे विवाद पर अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है. इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने JPSC को निर्देश दिया है. हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों को ऑफलाइन आवेदन फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए.

झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत में हुई. याचिका दायर करने वाले करीब 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने आयोग द्वारा तय की गई अधिकतम उम्र सीमा को चुनौती दी थी.

क्या है पूरा विवाद

दरअसल, झारखंड लोक सेवा आयोग ने विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत 14वीं JPSC परीक्षा के लिए अधिकतम उम्र सीमा की गणना की कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2026 निर्धारित की है. अभ्यर्थियों का तर्क है कि आयोग द्वारा परीक्षाएं नियमित रूप से नहीं कराए जा रहे हैं. जिसके कारण बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार बिना परीक्षा दिए ही उम्र सीमा पार कर चुके हैं.

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि अगर JPSC समय पर परीक्षाएं कराता, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती. इसलिए अधिकतम उम्र सीमा की गणना 1 अगस्त 2018 से की जानी चाहिए. जिससे की परीक्षा में देरी का नुकसान अभ्यर्थियों को न झेलना पड़े. हाईकोर्ट ने इस तर्क को गंभीर मानते हुए फिलहाल याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों को राहत दी है. इससे उन उम्मीदवारों को मौका मिलेगा, जो उम्र सीमा विवाद के कारण अब तक आवेदन नहीं कर पा रहे थे.

बता दें कि JPSC परीक्षा में कट-ऑफ उम्र सीमा को लेकर विवाद सिर्फ अदालत तक सीमित नहीं रहा है. यह मुद्दा विधानसभा में भी उठ चुका है. विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी खासकर प्रदीप यादव आवाज उठाए हैं. विधायकों ने सरकार से आग्रह किया था कि कट-ऑफ उम्र सीमा पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने भी भरोसा दिलाया था कि इसको लेकर सरकार गंभीर है.