झारखंड हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला, जज उत्तम आनंद हत्याकांड के दोषियों की उम्रकैद बरकरार, राहत देने से किया इनकार
Ranchi: चर्चित जज उत्तम आनंद हत्याकांड में झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषियों को कोई राहत देने से इनकार कर दिया है. अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है. हाईकोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और मामले के तथ्यों के आधार पर ट्रायल कोर्ट का फैसला सही है, इसलिए उसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है.
2021 में हुई थी जज उत्तम आनंद की मौत
28 जुलाई 2021 को धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. इसी दौरान एक ऑटो रिक्शा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी. घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे देश में मामला सुर्खियों में आ गया था.
CBI ने की थी मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी। जांच के दौरान ऑटो चालक और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया गया. CBI ने अदालत में कई तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्य पेश किए, जिनके आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया.
ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद
धनबाद की विशेष अदालत ने दोनों दोषियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी. दोषियों ने इस फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
हाईकोर्ट ने अपील की खारिज
झारखंड हाईकोर्ट ने दोषियों की अपील खारिज करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई कानूनी त्रुटि नहीं है. अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा है और दोषियों को राहत देने का कोई आधार नहीं बनता.
न्यायपालिका के लिए अहम फैसला
हाईकोर्ट के इस फैसले को न्यायपालिका की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है. इस निर्णय के बाद जज उत्तम आनंद हत्याकांड में दोषियों की उम्रकैद की सजा यथावत रहेगी.