झारखंड सूचना आयोग 5 साल से ठप: सरकार बोली- चार हफ्ते में कार्यशील हो जाएगा आयोग...

Ranchi: हाईकोर्ट को आश्वस्त किया है कि राज्य सूचना आयोग चार हफ्ते के अंदर कार्यशील कर दिया जाएगा. बीरेंद्र सिंह नामक एक शख्स की अपील याचिका पर जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति एके राय की खंडपीठ में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान...
 

Ranchi: झारखंड में मुख्य सूचना आयुक्त समेत सूचना आयुक्तों का पद वर्षों से रिक्त पड़ा है. मई 2020 से आयोग में किसी को भी मुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी नहीं मिली है. इसकी वजह से आरटीआई कानून के तहत द्वितीय अपील में दिक्कत आ रही है.

राज्य सरकार के रुख से सूचना आयोग के फंक्शनल यानी कार्यशील होने की उम्मीद जगी है. इससे जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार और कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के सचिव हाईकोर्ट में उपस्थित हुए.

जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस एके राय की खंडपीठ ने सरकार से जानना चाहा कि सूचना आयोग कबतक कार्यशील हो जाएगा. इसपर महाधिवक्ता राजीव रंजन ने खंडपीठ को बताया कि चार सप्ताह में आयोग फंक्शनल हो जाएगा.
दलील सुनने के बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार को चार सप्ताह का समय दिया है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विकास कुमार ने पक्ष रखा. यह जानकारी झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने दी है.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से खंडपीठ को विश्वास दिलाया गया है कि चार सप्ताह में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के साथ साथ आयोग फंक्शनल हो जाएगा.
अवमानना की मिली थी चेतावनी
पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि अगर सूचना आयोग जल्द कार्यशील नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है.
कोर्ट ने इस मामले में मुख्य सचिव और कार्मिक सचिव को तलब किया था. तब कोर्ट ने कहा था कि 12 दिसंबर 2025 को ही आयोग को क्रियाशील करने का निर्देश दिया गया था लेकिन इस दिशा में कुछ नहीं हुआ.
बता दें कि बिरेंद्र सिंह नामक अपीलकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत जानकारी मांगी थी लेकिन 30 दिन बाद भी उन्हें जानकारी नहीं मिली. तब उन्होंने प्रथम अपील दायर की.
इसपर भी उन्हें कोई सूचना नहीं मिली. उस वक्त एकल पीठ ने वैकल्पिक उपाय अपनाने की छूट देते हुए याचिका को खारिज कर दिया था. उसी के खिलाफ अपील दायर की गई.