दावोस में वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के लिए झारखण्ड है तैयार, आज स्टेट पवेलियन का उद्घाटन, अलग-अलग देशों के डेलीगेशन और उद्योगपतियों के साथ आज महत्वपूर्ण बैठक...
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल दावोस में है. जहां आज झारखंड पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा. इसके साथ ही विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों, उद्योग जगत के दिग्गजों और वैश्विक संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकों की श्रृंखला भी प्रस्तावित है...
Jan 19, 2026, 11:45 IST
Ranchi: विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) 2026 में झारखंड आज वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल दावोस में है. जहां आज झारखंड पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा. इसके साथ ही विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों, उद्योग जगत के दिग्गजों और वैश्विक संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकों की श्रृंखला भी प्रस्तावित है.
झारखंड इस बार केवल निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि राज्य स्तर की वास्तविकताओं को वैश्विक विमर्श का हिस्सा बनाने के संकल्प के साथ WEF2026 में भाग ले रहा है. दावोस में होने वाले वैश्विक संवाद की धुरी पांच अहम सवालों पर केंद्रित है.
- विखंडित दुनिया में सहयोग कैसे बढ़े.
- भविष्य की आर्थिक वृद्धि कहां से आए.
- बाजारों के साथ-साथ लोगों में निवेश कैसे हो.
- नवाचार को जिम्मेदारी के साथ कैसे विस्तार दिया जाए.
- क्या समृद्धि प्रकृति की सीमाओं का सम्मान कर सकती है.
- वैश्विक चर्चा में भाग लेगा झारखंड
इन सभी सवालों के संदर्भ में झारखंड अपनी विशिष्ट पहचान और संभावनाओं के साथ वैश्विक चर्चा में योगदान देगा. राज्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के साथ-साथ सतत विकास, हरित ऊर्जा, समावेशी विकास, कौशल विकास और जन-केंद्रित नीतियों को आगे बढ़ाने के अपने अनुभव साझा करेगा.
झारखंड पवेलियन में निवेशकों के लिए बहुत कुछ
झारखंड पवेलियन राज्य के औद्योगिक, पर्यटन, खनन, नवीकरणीय ऊर्जा और मानव संसाधन विकास से जुड़े अवसरों को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत करेगा. आज होने वाली बैठकों में निवेश, तकनीकी सहयोग, रोजगार सृजन और सतत विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है.
राज्य सरकार का मानना है कि दावोस में यह सहभागिता झारखंड को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ दीर्घकालिक निवेश और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी.