झारखंड में ₹1000 करोड़ निवेश की तैयारी, नई टेक्सटाइल नीति से 20 हजार से ज्यादा नौकरियों का लक्ष्य

 

Ranchi, Jharkhand News: झारखंड सरकार राज्य को पूर्वी भारत का प्रमुख टेक्सटाइल, अपैरल और फुटवियर हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने झारखंड टेक्सटाइल, अपैरल एंड फुटवियर पॉलिसी-2026 का मसौदा तैयार किया है। नई नीति के जरिए करीब 1,000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने और 20 हजार से अधिक नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

उद्योग विभाग द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट के अनुसार, नई नीति का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक विकास को गति देना, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा देना है। सरकार का मानना है कि झारखंड की उपलब्ध संसाधनों और औद्योगिक संभावनाओं का बेहतर उपयोग इस नीति के माध्यम से किया जा सकेगा।

नई नीति के तहत केंद्र सरकार की पीएम मित्रा योजना की तर्ज पर आधुनिक टेक्सटाइल और अपैरल पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में प्रोसेसिंग, टेस्टिंग, डिजाइन, वेयरहाउसिंग और अन्य आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना, समर्थ योजना और राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

ड्राफ्ट में निवेशकों के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रस्तावित किए गए हैं। पात्र उद्योगों को कॉम्प्रिहेंसिव प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट सब्सिडी (CPIS) के तहत स्थायी पूंजी निवेश का 20 प्रतिशत, अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। यह राशि दो चरणों में जारी होगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला और दिव्यांग उद्यमियों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत लाभ देने का भी प्रस्ताव है, यदि वे झारखंड के निवासी हों और उद्योग में उनकी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो।

सरकार ने विभिन्न जिलों को तीन श्रेणियों में बांटकर क्षेत्रवार अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रस्ताव रखा है। कम विकसित जिलों में निवेश करने वाले उद्योगों को अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा, ताकि राज्य के सभी हिस्सों में संतुलित औद्योगिक विकास सुनिश्चित किया जा सके।

नई नीति में स्थानीय युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है। श्रमिकों के प्रशिक्षण के लिए प्रति व्यक्ति 13 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी, जबकि एससी, एसटी, महिला और दिव्यांग श्रमिकों को अतिरिक्त आर्थिक सहयोग मिलेगा।

इसके अलावा वेतन सब्सिडी योजना के तहत पुरुष कर्मचारियों के लिए 5,000 रुपये और महिला कर्मचारियों के लिए 6,000 रुपये प्रति माह तक की प्रतिपूर्ति पांच वर्षों तक करने का प्रस्ताव है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग श्रमिकों और राज्य के पिछड़े जिलों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त 1,000 रुपये प्रति माह का लाभ भी दिया जाएगा।

नीति के मसौदे में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एमएसएमई इकाइयों में कम से कम 50 और बड़ी औद्योगिक इकाइयों में 100 श्रमिकों की नियुक्ति अनिवार्य होगी। साथ ही प्रत्येक पात्र इकाई को कम से कम 75 प्रतिशत रोजगार झारखंड के स्थानीय निवासियों को देना होगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2016-2021 की पिछली टेक्सटाइल नीति के दौरान राज्य में लगभग 500 से 1,000 करोड़ रुपये का निवेश आया था और 10 से 15 हजार प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए थे। अब सरकार नई नीति के जरिए निवेश और रोजगार, दोनों को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी में है।