Jharkhand Teacher Recruitment: आचार्य परीक्षा में गड़बड़ी पर HC सख्त, FIR और CID जांच के आदेश

Ranchi: माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में गड़बड़ी: परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने मामले में मुख्य सचिव को FIR दर्ज कराने और CID से जांच कराने का आदेश दिया है. अदालत के इस आदेश के बाद परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है.
 

Ranchi: झारखंड में माध्यमिक आचार्य शिक्षक नियुक्ति परीक्षा को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। विज्ञापन संख्या 2/2025 के तहत आयोजित परीक्षा में कथित धांधली और कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ के मामले को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने राज्य सरकार को पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है।

जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव को मामले में FIR दर्ज कराने और CID से विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच कराने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि CID की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही माध्यमिक आचार्य शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया के आगे की स्थिति तय की जाएगी।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता चंचल जैन के अनुसार, यदि जांच में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के किसी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

करीब 2800 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा को दी गई थी चुनौती

मामले में अभ्यर्थी अर्पणा कुमारी एवं अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में JSSC द्वारा करीब 2800 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराने के निर्णय और इससे संबंधित नोटिस को चुनौती दी गई थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने अदालत में दलील दी कि अभ्यर्थियों ने निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर पूरी प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी थी। यदि कंप्यूटर सिस्टम हैक हुआ या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ हुई, तो इसके लिए परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि एक ही परीक्षा में केवल कुछ अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देने के लिए कहना सभी परीक्षार्थियों के साथ समान व्यवहार के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है।

रिजल्ट देखने पर सामने आया था सिस्टम हैक होने का मामला

अधिवक्ता चंचल जैन के मुताबिक, माध्यमिक आचार्य शिक्षक नियुक्ति परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद जब अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन अपना परिणाम देखने की कोशिश की, तो सामान्य रिजल्ट के बजाय परीक्षा में इस्तेमाल किए गए सिस्टम के हैक होने की जानकारी सामने आई।

इसके बाद मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कुछ दिनों बाद JSSC की ओर से कुछ कंप्यूटर सिस्टम के हैक होने का हवाला देते हुए करीब 2800 अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने से संबंधित नोटिस जारी किया गया।

इस नोटिस के खिलाफ भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। सुनवाई के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR और CID जांच का आदेश दिया है।

दो सप्ताह के भीतर ऑनलाइन रिजल्ट जारी करने का आदेश

हाईकोर्ट ने JSSC को दो सप्ताह के भीतर रिजल्ट ऑनलाइन जारी करने का निर्देश दिया है। इसके बाद अभ्यर्थी अपना परिणाम और आंसर शीट देख सकेंगे और अपने प्राप्त अंकों का आकलन कर सकेंगे।

अदालत के इस निर्देश से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से परीक्षा परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर असमंजस में थे।

CID जांच के बाद तय होगा नियुक्ति प्रक्रिया का भविष्य

अदालत ने स्पष्ट किया है कि माध्यमिक आचार्य शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया का भविष्य CID की जांच रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा।

यदि जांच में किसी अभ्यर्थी के खिलाफ कोई आपत्तिजनक तथ्य सामने नहीं आता है और वह मेरिट सूची में स्थान हासिल करता है, तो उसकी नियुक्ति पर विचार किया जाएगा।

वहीं, जांच के दौरान यदि JSSC के किसी कर्मचारी की भूमिका या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

करीब 25 हजार अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा

माध्यमिक आचार्य शिक्षक नियुक्ति के लिए आयोजित परीक्षा में करीब 25 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पिछले वर्ष 23 विषयों में 1,373 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी।

JSSC की ओर से इनमें से 877 अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए शिक्षा विभाग को अनुशंसा भेजी जा चुकी है

अब हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद पूरी नियुक्ति प्रक्रिया CID जांच और उसके निष्कर्षों से जुड़ गई है। दो सप्ताह के भीतर रिजल्ट जारी होने और जांच आगे बढ़ने के बाद अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया की अगली स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।