झारखंड के रेल यात्रियों को अभी नहीं मिलेगी शटल ट्रेन की सुविधा, थर्ड लाइन परियोजना पूरी होने पर चलेगी रांची-डालटनगंज सेवा

Ranchi: रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रांची-डालटनगंज शटल ट्रेन का परिचालन तीसरी रेलवे लाइन (थर्ड लाइन) के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही शुरू किया जाएगा. फिलहाल इस रूट पर क्षमता की कमी और ट्रेनों की अधिक आवाजाही के कारण नई शटल सेवा शुरू करना संभव नहीं माना जा रहा है.
 

Ranchi: झारखंड के रेल यात्रियों, खासकर रांची और डालटनगंज (मेदिनीनगर) के बीच रोजाना सफर करने वालों को अभी शटल ट्रेन सेवा के लिए और इंतजार करना पड़ेगा. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रांची-डालटनगंज शटल ट्रेन का परिचालन तीसरी रेलवे लाइन (थर्ड लाइन) के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही शुरू किया जाएगा. फिलहाल इस रूट पर क्षमता की कमी और ट्रेनों की अधिक आवाजाही के कारण नई शटल सेवा शुरू करना संभव नहीं माना जा रहा है.

तीसरी लाइन बनने के बाद मिलेगी राहत

रेलवे का कहना है कि रांची-बरकाकाना-डालटनगंज रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. इसी कारण इस मार्ग पर तीसरी रेलवे लाइन का निर्माण कराया जा रहा है. निर्माण पूरा होने के बाद ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी और नई यात्री ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ होगा.

लंबे समय से उठ रही है मांग

मालूम हो कि रांची रेल डिविजन ने इस रूट पर दो ट्रिप शटल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है. मंडल ने इसका प्रस्ताव फरवरी 2026 में ही दक्षिण-पूर्व रेल मुख्यालय को भेज दिया था. इस ट्रेन के चलने से रांची से डालटनगंज के बीच रोजाना करीब चार हजार यात्री आना-जाना कर सकेंगे. इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, इलाज के लिए रांची आने वाले मरीजों और व्यापारियों को विशेष लाभ मिलेगा. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस ट्रेन के शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी. लातेहार, बरवाडीह और लोहदरगा जैसे इलाकों के लोगों को रांची आने-जाने में समय और खर्च दोनों की बचत होगी. अधिकारी ने बताया कि टोरी-बरवाडीह के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण सोन नगर-पतरातू तीसरी लाइन परियोजना का एक प्रमुख हिस्सा है. यह रूट देश के सबसे व्यस्त कोयला परिवहन मार्गों (कोल इंडिया कोर सेक्शन) में शामिल है. भारी मालगाड़ियों के आवागमन और यात्री ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए इस निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. 

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

सोननगर से पतरातू तक की कुल परियोजना 291 किलोमीटर की है. यह खंड पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद डिवीजन के अंतर्गत आता है. बरवाडीह से टोरी (लगभग 73 किमी) का हिस्सा इस विशाल परियोजना का पैकेज है. इसके निर्माण होने से कोयला ढुलाई को रफ्तार देने, मालगाड़ियों के दबाव को कम करने और यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी दूर कर समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह तीसरी लाइन बिछायी जा रही है. अधिकारी ने बताया कि इस ट्रैक पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम और भारी कंक्रीट स्लीपर्स का उपयोग किया जा रहा है, ताकि ट्रेनें 100 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ सकें.

मालूम हो कि रांची रेल डिविजन ने इस रूट पर दो ट्रिप शटल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है. मंडल ने इसका प्रस्ताव फरवरी 2026 में ही दक्षिण-पूर्व रेल मुख्यालय को भेज दिया था. इस ट्रेन के चलने से रांची से डालटनगंज के बीच रोजाना करीब चार हजार यात्री आना-जाना कर सकेंगे. इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, इलाज के लिए रांची आने वाले मरीजों और व्यापारियों को विशेष लाभ मिलेगा. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस ट्रेन के शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी. लातेहार, बरवाडीह और लोहदरगा जैसे इलाकों के लोगों को रांची आने-जाने में समय और खर्च दोनों की बचत होगी. अधिकारी ने बताया कि टोरी-बरवाडीह के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण सोन नगर-पतरातू तीसरी लाइन परियोजना का एक प्रमुख हिस्सा है. यह रूट देश के सबसे व्यस्त कोयला परिवहन मार्गों (कोल इंडिया कोर सेक्शन) में शामिल है. भारी मालगाड़ियों के आवागमन और यात्री ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए इस निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. 

परिचालन क्षमता बढ़ने से मिलेंगे कई फायदे

तीसरी लाइन बनने के बाद न केवल शटल ट्रेन शुरू करने में आसानी होगी, बल्कि मालगाड़ियों और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में भी सुधार आएगा. इससे ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और यात्रियों को बेहतर रेल सेवा मिल सकेगी.

यात्रियों की बढ़ी उम्मीदें

रेलवे के इस बयान के बाद यात्रियों को भले ही कुछ और समय इंतजार करना पड़े, लेकिन तीसरी लाइन बनने के बाद रांची-डालटनगंज रेलखंड पर बेहतर कनेक्टिविटी और नई ट्रेनों के परिचालन की उम्मीद बढ़ गई है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी रेलवे से निर्माण कार्य जल्द पूरा कर शटल ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग दोहराई है.

फिलहाल, रेलवे का स्पष्ट कहना है कि तीसरी लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद ही रांची-डालटनगंज शटल ट्रेन के संचालन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.