JPSC Scam: OMR हेराफेरी जांच में धनबाद पहुंची CID, संदिग्धों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ रेड
Dhanbad: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) भर्ती घोटाले और OMR शीट में कथित हेराफेरी की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की टीम ने सोमवार को धनबाद जिले में भी बड़ी कार्रवाई की. राज्यभर में चल रहे अभियान के तहत सीआईडी ने सरायढेला थाना क्षेत्र समेत शहर के कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिससे प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े संस्थानों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया.
कोचिंग संचालकों और संदिग्धों के ठिकानों पर रेड
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की जांच का फोकस JPSC परीक्षा में कथित सेटिंग कराने वाले बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क पर है. इसी कड़ी में टीम ने सरायढेला और आसपास के इलाकों में संचालित कई प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग संस्थानों के संचालकों के आवास और कार्यालयों पर दबिश दी.
छापेमारी के दौरान जांच अधिकारी परीक्षा से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करते रहे. साथ ही कई संदिग्ध लोगों से बंद कमरे में पूछताछ भी की गई.
राज्यभर में जारी है कार्रवाई
धनबाद की यह कार्रवाई राज्यभर में चल रही सीआईडी की व्यापक जांच का हिस्सा मानी जा रही है. जांच एजेंसी पहले ही 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर चुकी है. JPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, OMR शीट में हेराफेरी और परीक्षा माफिया के नेटवर्क की जांच लगातार तेज की जा रही है.
आधिकारिक बयान का इंतजार
हालांकि, धनबाद में हुई छापेमारी को लेकर सीआईडी की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. न ही जब्त किए गए दस्तावेजों या अन्य सामग्रियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई है. माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद एजेंसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विस्तृत जानकारी दे सकती है.
पहले ही हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
JPSC भर्ती घोटाले की जांच में अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. वहीं, मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से भी लगातार पूछताछ जारी है. जांच एजेंसियां अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं.
प्रतियोगी छात्रों की नजर जांच पर
धनबाद में हुई इस कार्रवाई के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और अभ्यर्थियों की नजर अब सीआईडी की अगली कार्रवाई पर है. अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.