Kanpur Plane Crash: गर्ग एविएशन के ट्रेनर विमान हादसे की जांच तेज, DGCA की 7 सदस्यीय टीम ने सील किया इंजन
Jharkhand news: गर्ग एविएशन के ट्रेनर विमान हादसे की जांच अब तेज हो गई है। गुरुवार को हुए इस हादसे में प्रशिक्षक पायलट सचिन भाटिया और प्रशिक्षु पायलट अभिषेक प्रभाकर की मौत के बाद शुक्रवार को दिल्ली और लखनऊ से पहुंची डीजीसीए की सात सदस्यीय टीम ने दुर्घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने विमान के अलग-अलग हिस्सों और तकनीकी उपकरणों की जांच करने के साथ इंजन को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है।
हादसे के कारण गर्ग एविएशन का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को पूरी तरह बंद रहा। शनिवार को भी ट्रेनिंग उड़ानें नहीं होने की बात सामने आई है।
दीवार से लेकर फ्लाइट रिकॉर्ड तक खंगाला
कानपुर में डीजीसीए जांच टीम की अगुवाई धनंजय कर रहे हैं। उनके साथ कानपुर के तीन, जबकि लखनऊ और दिल्ली से दो-दो अधिकारी जांच में शामिल हैं। टीम ने सबसे पहले दुर्घटनास्थल पर मौजूद चहारदीवारी की नापजोख की। इसके बाद विमान से जुड़े डाटा सेवर और प्रोफाइल रिकॉर्ड की जांच की गई।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि उड़ान के दौरान तय मानकों का पालन हुआ था या नहीं। इसके अलावा विमान की तकनीकी स्थिति और उसके इंजन की कार्यप्रणाली को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
इंजन की जांच से खुलेगा हादसे का राज
दुर्घटनाग्रस्त विमान का मेंटीनेंस निर्धारित अवधि के भीतर हुआ था। वहीं, हादसे के समय विमान का संचालन अनुभवी पायलट सचिन भाटिया कर रहे थे। बताया गया है कि उनके पास 3000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव था और वह करीब एक साल से गर्ग एविएशन में प्रशिक्षण दे रहे थे।
ऐसे में जांच टीम अब इंजन समेत अन्य तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दे रही है। यदि फ्लाइट प्रोफाइल और इंजन से जुड़े मानकों में कोई अंतर सामने आता है तो हादसे की दो प्रमुख संभावनाओं—पायलट स्तर पर चूक या विमान के इंजन में तकनीकी खराबी—की जांच आगे बढ़ सकती है।
हालांकि, अभी जांच पूरी नहीं हुई है और हादसे की अंतिम वजह को लेकर आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार है।
शनिवार तक जांच पूरी होने की उम्मीद
गर्ग एविएशन के अधिकारियों के मुताबिक डीजीसीए की टीम जांच के अंतिम चरण में है। इंजन को सील कर कब्जे में लिया जा चुका है और शनिवार तक जांच पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।
गर्ग एविएशन के संरक्षक वीके गर्ग ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि घटना से पूरा संस्थान स्तब्ध है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में एक-दो दिन प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित करना संभव नहीं है। हादसे की वास्तविक वजह पर डीजीसीए की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट रूप से कहा जा सकेगा।
गंगा बैराज के पास हुआ था हादसा
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक, VT-NBV रजिस्ट्रेशन वाला Tecnam P2006T विमान गुरुवार दोपहर कानपुर सिविल एयरपोर्ट से ट्रेनिंग उड़ान पर निकला था। डबल इंजन वाला यह विमान एयरपोर्ट से करीब पांच समुद्री मील दूर गंगा बैराज के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
विमान में प्रशिक्षक और प्रशिक्षु पायलट समेत दो लोग सवार थे। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद डीजीसीए ने जांच की प्रक्रिया शुरू की और अब सात सदस्यीय टीम तकनीकी व परिचालन पहलुओं की विस्तृत पड़ताल कर रही है।
रिपोर्ट से साफ होगी दुर्घटना की असली वजह
फिलहाल जांच एजेंसी की ओर से हादसे की अंतिम वजह की पुष्टि नहीं की गई है। दुर्घटनास्थल से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्य, फ्लाइट रिकॉर्ड और इंजन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विमान दुर्घटना की वजह मानवीय चूक थी, तकनीकी खराबी या कोई अन्य कारण।