नकली DIG बनकर उद्योगपति का अपहरण! अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश, हवाला कनेक्शन और कनाडा-नीदरलैंड लिंक का खुलासा
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पंजाब के लुधियाना निवासी 74 वर्षीय अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह भी शामिल है। वह हवाला कारोबार से जुड़ा रहा है और उसके खिलाफ पंजाब में भी मामला दर्ज है। जांच में सामने आया कि वारदात के दिन उसने पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को डीआईजी बताया और उद्योगपति को रोककर अपने साथ ले गया, ताकि किसी को शक न हो।
सुनियोजित साजिश, कई राज्यों में फैला नेटवर्क
SSP के अनुसार 13 जनवरी को पूरी प्लानिंग के साथ अपहरण को अंजाम दिया गया। मनप्रीत सिंह सेखो वाहन चालक था, जबकि अन्य आरोपी पुलिस की वर्दी में पहुंचे। कैरव को पहले चांडिल गोलचक्कर के पास ले जाया गया, फिर वाहन बदलकर रांची होते हुए डोभी और अंततः गयाजी के बिसर गांव में छिपाकर रखा गया।
गिरोह का नेटवर्क पंजाब, बिहार, दिल्ली और कोलकाता तक फैला मिला है। मुख्य सरगना के कनाडा और नीदरलैंड से संपर्क और वहां आवाजाही की जानकारी भी सामने आई है। अब तक इस मामले में सात अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
फर्जी पहचान और रेकी का खेल
साकची इलाके में अमरिंदर सिंह के नाम पर फर्जी आधार कार्ड से किराए का कमरा लिया गया था। यहीं बैठकर पूरी साजिश रची गई। गिरोह के सदस्य उद्योगपति की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे थे। पुलिस के मुताबिक अपराधियों ने आपसी पहचान सीमित रखी थी, ताकि गिरफ्तारी की स्थिति में पूरा नेटवर्क उजागर न हो सके।
रईसजादों को निशाना बनाकर उगाही
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह का मास्टरमाइंड बड़े होटलों में आयोजित पार्टियों में पहुंचकर रईसजादों की तस्वीरें खींचता और किसी बहाने उनका या उनके परिजनों का मोबाइल नंबर हासिल करता था। कई मामलों में वह बिना अपहरण किए ही तस्वीरें भेजकर अगवा करने की धमकी देता और मोटी रकम वसूलता था।
प्रेस वार्ता में सिटी एसपी कुमार शिवाशीष, डीएसपी मनोज ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि फरार मुख्य सरगना की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।