धनबाद से लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस की शुरुआत, मेयर और विधायक का आमंत्रण अंतिम समय में किया गया रद्द..सांसद ने किया उद्घाटन...

Dhanbad: यह पहला मामला नहीं है, जब सरकारी कार्यक्रमों में श्रेय लेने की होड़ ने विवाद को जन्म दिया हो. इससे पहले भी कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका को नजरअंदाज किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे अनावश्यक तनाव और असंतोष पैदा हुआ है. चर्चा है कि रेलवे बोर्ड के नियमों का हवाला देकर यह कदम उठाया गया, लेकिन सवाल यह है कि यदि नियम पहले से लागू थे, तो आमंत्रण जारी ही क्यों किया गया और अंतिम समय में ऐसा क्या हुआ कि निर्णय बदलना पड़ा?
 

Dhanbad: कोयलांचल की जनता के लिए मुंबई की राह अब और आसान हो गई है. सोमवार रात 11 बजे धनबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 7 से धनबाद-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. हालांकि, इस ऐतिहासिक अवसर पर उपजे ‘आमंत्रण विवाद’ ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और राजनीतिक मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

धनबाद स्टेशन पर नई ट्रेन के नियमित परिचालन के शुभारंभ जैसे अहम अवसर पर जो घटनाक्रम सामने आया, उसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल, धनबाद–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन सोमवार रात 11 बजे होना निर्धारित था. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं, लेकिन अंतिम समय में जो कुछ हुआ, उसने पूरे आयोजन की गरिमा पर सवाल खड़ा कर दिया.

प्रशासनिक चूक या दबाव?

चर्चा है कि रेलवे बोर्ड के नियमों का हवाला देकर यह कदम उठाया गया, लेकिन सवाल यह है कि यदि नियम पहले से लागू थे, तो आमंत्रण जारी ही क्यों किया गया और अंतिम समय में ऐसा क्या हुआ कि निर्णय बदलना पड़ा?

सांसद ढुल्लू महतो ने दिखाई हरी झंडी
तमाम विवादों के बीच, धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने ट्रेन को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा “आज भाजपा का स्थापना दिवस भी है, ऐसे शुभ अवसर पर इस ट्रेन की शुरुआत धनबाद के लिए बड़ी सौगात है। जनता के विश्वास पर खरा उतरने का मेरा प्रयास जारी रहेगा। भविष्य में इस साप्ताहिक ट्रेन को दैनिक सेवा में बदलने के लिए भी रेल मंत्रालय से वार्ता की जाएगी।”

मेयर का क्यों किया गया निमंत्रण रद्द

कार्यक्रम के लिए महापौर संजीव सिंह और झरिया विधायक रागिनी सिंह को विधिवत आमंत्रित किया गया, उनके नाम से बैनर-पोस्टर तक लगाए गए. लेकिन हैरानी की बात यह रही कि कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले, महज एक घंटे पूर्व, उनका निमंत्रण रद्द कर दिया गया.

इसे केवल एक प्रशासनिक चूक मानना मुश्किल है. यह लापरवाही और असंवेदनशीलता की स्पष्ट झलक देता है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पहले से लागू थे, तो फिर आमंत्रण जारी क्यों किया गया? क्या अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी की, या फिर अंतिम समय में किसी दबाव के कारण निर्णय बदला गया? कार्यक्रम स्थल से आनन-फानन में बैनर-पोस्टर हटाए जाने की घटना इस पूरे मामले को और संदिग्ध बना देती है.

यह पहला मामला नहीं है, जब सरकारी कार्यक्रमों में श्रेय लेने की होड़ ने विवाद को जन्म दिया हो. इससे पहले भी कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका को नजरअंदाज किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे अनावश्यक तनाव और असंतोष पैदा हुआ है.

सांसद ने ट्रेन का किया उद्घाटन

हालांकि, कार्यक्रम के तहत ही सोमवार रात 11 बजे धनबाद से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा की शुरुआत हो गई है. सोमवार की रात ठीक 11 बजे यह ट्रेन धनबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 7 से रवाना हुई. सांसद ढुल्लू महतो ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया.

सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि इस ट्रेन की शुरुआत ऐसे दिन हुई है, जब भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस भी है, जिससे इस अवसर का महत्व और बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि धनबाद की जनता ने उन्हें जो प्यार और विश्वास दिया है, वे उस पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगे और क्षेत्र की सुविधा के लिए लगातार काम करते रहेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस ट्रेन को भविष्य में दैनिक सेवा में बदलने के लिए प्रयास किया जाएगा.