कोडरमा में बड़ा हादसा टला! मिड-डे मील खा रहे थे 37 बच्चे, अचानक ढह गया 16 साल पुराना स्कूल

Koderma: झारखंड के कोडरमा में बड़ा हादसा टल गया. यहां मिड-डे मील खा रहे 37 बच्चे उस वक्त बाल-बाल बच गए, जब अचानक 16 साल पुराना स्कूल भवन ढह गया. भवन गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई. गनीमत रही कि हादसे में किसी बच्चे की जान नहीं गई. घटना के बाद स्कूल भवन की स्थिति और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
 

Koderma: झारखंड के कोडरमा जिले में सोमवार को उस वक्त बड़ा हादसा टल गया, जब तेज बारिश के दौरान एक स्कूल भवन का ऊपरी हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। घटना चंदवारा प्रखंड की बेंदी पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय वीरगढ़ा की है। जिस समय भवन का हिस्सा गिरा, उस वक्त स्कूल के बच्चे मिड-डे मील खा रहे थे।

अचानक मलबा गिरने से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, समय रहते बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्कूल में करीब 37 बच्चे नामांकित हैं। घटना में किसी बच्चे के घायल होने की सूचना नहीं है।

तेज बारिश के बीच अचानक ढहा भवन का हिस्सा

जानकारी के अनुसार, विद्यालय का दो मंजिला भवन करीब 2010 के आसपास अधूरा बनाया गया था। निर्माण पूरा नहीं होने के कारण भवन का ऊपरी हिस्सा लंबे समय से इसी स्थिति में पड़ा था।

सोमवार को तेज बारिश के दौरान अचानक इस अर्धनिर्मित भवन का ऊपरी हिस्सा ढह गया। हिस्सा गिरने के बाद मलबा नीचे की ओर फैल गया। घटना के समय बच्चे स्कूल परिसर में मिड-डे मील खा रहे थे।

भवन का हिस्सा गिरते ही स्कूल में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। शिक्षक और अन्य लोगों ने तत्काल बच्चों को वहां से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

37 बच्चे थे स्कूल में, सभी सुरक्षित

विद्यालय में फिलहाल करीब 37 बच्चे नामांकित हैं। स्कूल में केवल एक शिक्षक पिंटू कुमार के कार्यरत होने की जानकारी सामने आई है।

शिक्षक पिंटू कुमार ने बताया कि जिस समय भवन का हिस्सा गिरा, उस वक्त बच्चे मिड-डे मील खा रहे थे। मलबा गिरने के बाद बच्चों को तत्काल सुरक्षित किया गया। उन्होंने बताया कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

बच्चों के नीचे होने पर हो सकता था बड़ा हादसा

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल भवन का ऊपरी हिस्सा लंबे समय से अधूरा और असुरक्षित स्थिति में था। बारिश के दौरान इसके अचानक गिरने से खतरा और बढ़ गया था।

लोगों के मुताबिक, यदि हादसे के समय बच्चे भवन के नीचे या उसके बिल्कुल समीप मौजूद होते, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। गनीमत रही कि बच्चों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।

स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

अर्धनिर्मित भवन का हिस्सा गिरने के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से अधूरा पड़ा भवन बच्चों के लिए खतरा बना हुआ था।

अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूल भवन की तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही जर्जर और अर्धनिर्मित हिस्से को सुरक्षित कराने की मांग भी की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

फिलहाल हादसे में किसी के घायल नहीं होने से राहत है, लेकिन स्कूल परिसर में मौजूद अर्धनिर्मित भवन की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।