झारखंड में बड़ी कार्रवाई: पश्चिम सिंहभूम में मुठभेड़, 1 करोड़ के इनामी अनल दा समेत 15 माओवादी ढेर
Ranchi News: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में गुरुवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में बड़ी सफलता मिली है। इस कार्रवाई में एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता पतिराम मांझी उर्फ अनल दा सहित कुल 15 माओवादी मारे गए हैं। मौके से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ किरीबुरु थाना क्षेत्र के सारंडा जंगल के कुमड़ी इलाके में हुई। यहां सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम पिछले कई दिनों से माओवादी विरोधी अभियान चला रही थी। इस अभियान में करीब 1500 जवान लगाए गए हैं और नेतृत्व कोबरा की 209वीं बटालियन कर रही है।
सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई गोलीबारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार तड़के सुरक्षा बल तलाशी अभियान पर निकले थे। इसी दौरान माओवादी दस्तों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए माओवादियों को भारी नुकसान पहुंचाया। मुठभेड़ अभी भी कुछ इलाकों में जारी है और पूरे सारंडा जंगल में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
1987 से सक्रिय था अनल दा
झारखंड पुलिस के आईजी (ऑपरेशन) माइकल राज एस ने बताया कि अनल दा गिरिडीह जिले का रहने वाला था और वर्ष 1987 से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय था। वह लंबे समय से पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उसकी तलाश कई वर्षों से की जा रही थी।
इलाके की घेराबंदी, रास्ते किए गए बंद
सुरक्षा बलों ने माओवादियों के भागने के सभी रास्तों को बंद कर दिया है। अतिरिक्त बलों को भी मौके पर भेजा गया है। तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है ताकि जंगल में छिपे अन्य माओवादियों को भी पकड़ा जा सके।
माओवादियों के खिलाफ अंतिम चरण का अभियान
बताया जा रहा है कि हाल ही में चाईबासा में हुई रणनीतिक बैठक में माओवादी संगठनों पर अंतिम प्रहार की योजना बनाई गई थी। कोल्हान और सारंडा क्षेत्र को माओवादियों का अंतिम मजबूत गढ़ माना जाता है। पहले ही कई इलाकों में उनकी गतिविधियों पर लगाम लगाई जा चुकी है।
अधिकारियों ने कहा है कि अभियान खत्म होने के बाद ही पूरी जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल यह कार्रवाई माओवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।