50 से ज्यादा केसों में फरार मयंक सिंह रांची कोर्ट में पेश, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

 

Ranchi: तीन राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा को आखिरकार भारत लाया गया। झारखंड एटीएस की टीम उसे अज़रबैजान से प्रत्यर्पित कर शुक्रवार देर शाम दिल्ली लेकर पहुंची और शनिवार सुबह रांची एयरपोर्ट उतारा। दोपहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मयंक को रामगढ़ कोर्ट में पेश किया गया।

रेड कॉर्नर नोटिस के बाद गिरफ्तारी

झारखंड एटीएस ने मयंक सिंह के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। इसके आधार पर पिछले साल उसे बाकू (अज़रबैजान) में हिरासत में लिया गया था। तब से वह वहीं की जेल में बंद था। एटीएस एसपी ऋषव कुमार झा के नेतृत्व में टीम ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे भारत लाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया।

भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी

शनिवार को ठीक 1:50 बजे, एंटी लैंड माइंस वाहन में पुलिस उसे लेकर रामगढ़ कोर्ट पहुंची। अपर न्यायिक दंडाधिकारी संदीप बर्मन की अदालत में पेशी हुई। कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

50 से अधिक मामलों में वांछित

पुलिस के अनुसार, मयंक सिंह झारखंड, राजस्थान और पंजाब समेत अन्य राज्यों में दर्ज 50 से ज्यादा मामलों में वांछित है। वह झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू गिरोह का अहम सदस्य माना जाता है और राजस्थान के कई अन्य अपराधियों से भी संपर्क बनाए हुए था।

बिश्नोई गैंग से कनेक्शन

सूत्रों का दावा है कि मयंक सिंह के संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी रहे हैं। बताया जाता है कि इन गिरोहों ने कई ऑपरेशन मिलकर अंजाम दिए और एक-दूसरे को लॉजिस्टिक और आर्थिक मदद पहुंचाई।

राजस्थान का रहने वाला है मयंक

मूल रूप से राजस्थान के नयी मंडी थाना क्षेत्र, जीडीएस पुरानी मंडी, घड़ासाहन का रहने वाला मयंक लंबे समय से फरार था। पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही थी।