मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और यह जनता की निगरानी करने और शासन में जवाबदेही सुनिश्चित करता है, समाचारों की विश्वसनीयता रखी जाए जीवित 

Jharkhand Desk: मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और यह जनता की निगरानी करने और शासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने बताया कि आज प्रेस को फर्जी खबरों, पेड न्यूज और पीत पत्रकारिता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है.
 
Jharkhand Desk: जिला जनसंपर्क कार्यालय में राष्ट्रीय प्रेस दिवस 2025 के अवसर पर परिचर्चा आयोजित की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार ने की. इस बार की चर्चा का विषय था “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण.”
उप विकास आयुक्त ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और यह जनता की निगरानी करने और शासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने बताया कि आज प्रेस को फर्जी खबरों, पेड न्यूज और पीत पत्रकारिता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रयोग के कारण समाचार तेजी से फैलते हैं, लेकिन अक्सर तथ्य और सटीकता की अनदेखी होती है. कई समाचार संगठन खबरों को सबसे पहले प्रकाशित करने की दौड़ में तथ्य की जांच को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है.
इस चुनौती का समाधान बताते हुए उप विकास आयुक्त ने मीडिया संगठनों और पत्रकारों से कहा कि वे पत्रकारिता के मूल सिद्धांत सत्य, निष्पक्षता, सटीकता और स्वतंत्रता को बनाए रखें. प्रेस को नैतिक सीमाओं का पालन करते हुए तकनीकी बदलावों के साथ खुद को विकसित करना होगा.
परिचर्चा में मीडिया प्रतिनिधियों ने भी पत्रकारिता के विकास, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार साझा किए. उन्होंने प्रेस की विश्वसनीयता बनाए रखने और भ्रामक खबरों के प्रसार को रोकने के महत्व पर जोर दिया.