झारखंड में मानसून ने दी दस्तक, उत्तर-पूर्वी हिस्से से हुई एंट्री, मौसम विभाग ने बताया इस बार कैसी रहेगी बारिश

Ranchi: मानसून ने राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्से से प्रवेश किया है, जिसके बाद कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून पूरे राज्य में फैल जाएगा. इस बार सामान्य से बेहतर बारिश होने का अनुमान है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है.
 

Ranchi: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है. मानसून ने राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्से से प्रवेश किया है, जिसके बाद कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून पूरे राज्य में फैल जाएगा. इस बार सामान्य से बेहतर बारिश होने का अनुमान है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. वहीं विभाग ने कुछ इलाकों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है. मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी.

11 जून को पश्चिम बंगाल और बिहार में मानसून प्रवेश के बाद झारखंड में आज शुक्रवार को मानसून का प्रवेश हो चुका है. उन्होंने बताया कि कब तक यह मानसून पूरे झारखंड को कवर कर लेगा, इस पर हमारे मौसम वैज्ञानिक नजर बनाए हुए हैं.

वरीय मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले दो दिनों में जो कंडीशन बनेंगे उस पर यह निर्भर करेगा कि पूरा राज्य कवर करने में कितना समय लगेगा. उन्होंने बताया कि झारखंड में 10 से 12 जून के बीच मानसून प्रवेश की तिथि निर्धारित है. इस हिसाब से इस बार अपने निर्धारित समय पर मानसून की इंट्री हुई है.

कोल्हान में अच्छी और संथाल में हल्की बारिश हुई

मौसम केंद्र,रांची के अनुसार झारखंड में मानसून के प्रवेश के बाद उत्तर पूर्वी भाग में कमजोर असर दिखा है और वहां हल्की बारिश हुई है, जबकि दक्षिणी पूर्वी भाग में अच्छी बारिश हुई है. वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि उनका मौसम केंद्र, राज्य में मानसून की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

राज्य में पिछले 6 साल के बारिश के आंकड़े MM में

Year Normal Actual Status
2020 1054.7 902.4 Normal
2021 1054.7 1041.5 Normal
2022 1022.9 817.6 Below normal
2023 1022.9 751.3 Below normal
2024 1022.9 1008.9 Normal
2025 1022.9 1198.8 Normal

इस वर्ष सामान्य से कम बारिश का है पूर्वानुमान

राज्य में पिछले वर्ष सामान्य मानसूनी बारिश हुई थी, लेकिन इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव की वजह से सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है. अभिषेक आनंद ने बताया कि अलनीनो का असर वैश्विक होता है और भारत पर भी इसका असर पड़ना स्वाभाविक है. अलनीनो डेवलप होने की जानकारी देते हुए वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि तीन-चार साल के एक अंतराल पर राज्य में सामान्य से कम मानसूनी बारिश होती रही है, इसकी कई वजहें भी हैं. उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य में सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान है और उस स्थिति की तैयारी हमें पहले से कर के रखना होगा.