मोस्ट वांटेड नक्सली मिसिर बेसरा पुलिस के शिकंजे में, धनबाद से छह गिरफ्तार; हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

Ranchi: सुरक्षा एजेंसियों को नक्सलियों की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी. इसके आधार पर धनबाद में संयुक्त विशेष अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान मिसिर बेसरा को उसके साथियों के साथ एक पिकअप वाहन में पकड़ा गया. पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें से तीन AK-47 राइफलें बरामद हुईं.
 

Ranchi: झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से फरार और ₹1 करोड़ के इनामी कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा को धनबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने उसके साथ पांच अन्य लोगों को भी दबोचा है. गिरफ्तार लोगों में सक्रिय नक्सलियों के साथ दो ग्रामीण भी शामिल हैं, जिन पर नक्सलियों की मदद करने का आरोप है. पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन AK-47 राइफलें भी बरामद की हैं.

गुप्त सूचना पर चला विशेष अभियान

जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को नक्सलियों की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी. इसके आधार पर धनबाद में संयुक्त विशेष अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान मिसिर बेसरा को उसके साथियों के साथ एक पिकअप वाहन में पकड़ा गया. पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें से तीन AK-47 राइफलें बरामद हुईं.

पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से चलाया गया, जिससे बिना किसी बड़े संघर्ष के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

ये लोग भी हुए गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में मिसिर बेसरा, मोछू उर्फ तुंबा मांझी, गौरव उर्फ बीरेंद्र हांसदा और दो ग्रामीण शामिल हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों ग्रामीण नक्सलियों को जंगल की ओर सुरक्षित पहुंचाने में मदद कर रहे थे. इस भूमिका की भी जांच की जा रही है.

कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर मामले

मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था. उसके खिलाफ झारखंड सहित कई राज्यों में नक्सली गतिविधियों, सुरक्षाबलों पर हमले, हथियारबंद वारदातों और अन्य गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं. उसकी गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे

फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से सुरक्षा एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं. जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान नक्सली संगठन के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई, सहयोगियों और भविष्य की गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं.