प्रकृति का प्रकोप शुरू! झारखंड पर मंडराया मौसम का संकट, IMD का अलर्ट..तेज़ तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि का हाई अलर्ट जारी...
Jharkhand Weather Update: झारखंड में अप्रैल महीने की शुरुआत ही खराब मौसम के साथ हो रही है. मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में तेज आंधी के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है. प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और ठनका गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है. झारखंड के मौसम का मिज़ाज आज काफी तिहरा और उत्तेजित रहेगा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूरे पूर्वी भारत के लिए चेतावनी जारी की है, जिसमें तेज़ आंधी-बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि (ओले) की संभावना शामिल है.
MD के ताज़ा अलर्ट के अनुसार, अगले 12 घंटों में पूर्वी भारत के कई राज्यों में तूफ़ानी बारिश और तेज़ हवाएँ चलने की आशंका है, जिनमें झारखंड भी प्रमुख है. इस दौरान हवा की रफ्तार लगभग 60-70 किमी/घंटा तक चल सकती है जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
जधानी रांची व आसपास जिलों में बदलता मौसम
रांची और आसपास के इलाकों में शाम तक बादल छाना शुरू हो गया, जिससे मौसम अचानक बदल गया. दिन के उत्तरार्ध में तेज़ हवाएँ चलीं और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश भी दर्ज की गई. मौसम विभाग ने आज कई जिलों के लिए आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है, जिसमें राजधानी सहित महत्वपूर्ण ज़िले शामिल हैं.
ओले गिरने और वज्रपात की चेतावनी
कुछ हिस्सों में मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मौसम आज सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं रहेगा. ओलावृष्टि (ओले गिरना) और वज्रपात/गरज-चमक के साथ भी स्थिति विकट हो सकती है. रांची, खूंटी, लोहरदगा जैसे जिलों में तेज़ हवा के साथ कई इलाकों में इलेक्ट्रिकल गतिविधियों (गरज-चमक) के संकेत भी मिले हैं, जो बताते हैं कि कहीं भी अचानक मौसम और अधिक ख़राब हो सकता है.
अप्रैल माह की शुरुआत अस्थिर मौसम के साथ
अप्रैल की शुरुआत में ही झारखंड का मौसम लगातार बदलता हुआ नजर आ रहा है. पिछले कुछ दिनों में भी राज्य के कई इलाकों में बारिश, आंधी और ओले गिरने की चेतावनी जारी की जा चुकी है, और यही पैटर्न आज भी जारी रहेगा.
लोगों के लिए सावधानियाँ
तेज़ हवाओं और ओलावृष्टि के दौरान खुले में न रहें.
घरों में सुरक्षित स्थान पर रहें और मोबाइल फोन पर मौसम अपडेट देखते रहें.
बिजली गिरने में जोखिम से बचने के लिए ऊँचे पेड़ों या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों.
सड़कें और ग्रामीण मार्ग बारिश के बाद फिसलनयुक्त हो सकते हैं — वाहन सावधानी से चलाएँ.