SIR ड्यूटी में लापरवाही पड़ेगी भारी! चुनाव आयोग ने शिक्षकों को दिया सख्त संदेश

Ranchi:  SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. चुनावी प्रक्रिया में तैनात शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों से निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करने को कहा गया है. ड्यूटी में लापरवाही या मनमानी सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
 

Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के दौरान शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति और उनके कामकाज को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह की शिकायत के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO) को प्रतिनियुक्त शिक्षकों का युक्तिसंगत इस्तेमाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR के काम के लिए जितने शिक्षकों की वास्तव में जरूरत है, उतने ही शिक्षकों को प्रतिनियुक्त किया जाए। जिन शिक्षकों की फिलहाल आवश्यकता नहीं है, उनकी प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त कर उन्हें उनके मूल विद्यालय में वापस भेजने को कहा गया है।

स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने पर आयोग सख्त

निर्देश में कहा गया है कि कई स्थानों पर बड़ी संख्या में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के कारण स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। इसी वजह से ERO को शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की तत्काल समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।

आयोग का जोर इस बात पर है कि SIR का काम भी प्रभावित न हो और इसके कारण स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर अनावश्यक असर भी न पड़े।

SIR ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को रोज करना होगा हस्ताक्षर

SIR कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अब इन शिक्षकों की रोजाना उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज होगी और हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा।

SIR की अवधि में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति से छूट दी गई है। हालांकि, उन्हें प्रतिदिन उपस्थिति रजिस्टर में अपनी हाजिरी दर्ज करनी होगी।

इसी रिकॉर्ड के आधार पर उनकी मासिक उपस्थिति और अनुपस्थिति की रिपोर्ट तैयार कर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को भेजी जाएगी।

लापरवाही और अनधिकृत अनुपस्थिति पर होगी कार्रवाई

निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्ति के बाद लापरवाही बरतने या बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे मामलों में ERO को तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर भेजनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

स्कूल समय के बाद चुनावी काम लेने का निर्देश

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि SIR-2026 के लिए बनाई गई यह व्यवस्था संबंधित अवधि तक लागू रहेगी। भविष्य में निर्वाचन कार्य के लिए शिक्षकों की आवश्यकता पड़ने पर जहां संभव हो, उन्हें स्कूल के निर्धारित समय के बाद चुनावी कार्य में लगाया जाए।

इसका उद्देश्य चुनावी जिम्मेदारियों के साथ-साथ बच्चों की नियमित पढ़ाई को भी सुचारु बनाए रखना है।

16 सितंबर तक भेजनी होगी विधानसभा-वार सूची

सभी जिलों में SIR के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की विधानसभा-वार सूची 16 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक मुख्य निर्वाचन कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।

निर्देश के मुताबिक, शिक्षकों की सेवाएं निर्वाचन कार्य के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 29 के तहत ली गई हैं।

चुनावी काम और पढ़ाई के बीच संतुलन पर जोर

चुनाव आयोग के इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य SIR की प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से पूरा करने के साथ स्कूलों में पठन-पाठन व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना है। जरूरत के मुताबिक ही शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति और उनकी नियमित उपस्थिति की निगरानी से दोनों जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।